आजमगढ़। ताउते तूफान का असर मंगलवार को जनपद में भी देखने को मिला। सुबह से ही आसमान में काले बादल छाए हुए थे। सुबह आठ बजे से बूंदाबांदी शुरू हुई जो कभी तेज तो कभी धीमी गति से होती रही। दोपहर तक चली बूंदाबादी बंद हो गई लेकिन गेहूं क्रय के कई केंद्रों पर गेहूं भीग गया। कई जगहों पर तिरपाल से ढ़ककर गेहूं को भीगने से बचाया गया। क्रय केंद्रों पर अपने गेहूं की बिक्री के लिए किसान ट्रालियों में गेहूं लोड कर खड़े थे। बारशि से कइयों के गेहूं भीगे तो किसी ने तिरपाल ओढ़ाकर बोरी में रखे गेहूं को भीगने से बचाया।
अहरौला: बे मौसम मंगलवार की सुबह से हुई बारिश से जहां गेहूं क्रय केंद्र पर अव्यवस्थाओं का आलम देखने को मिला। मंगलवार को अपराह्न 1:10 बजे हम खाद्य विभाग द्वारा संचालित गेहूं क्रय केंद्र बनकट पर पहुंचे। जहां पंचायत भवन में क्रय केंद्र का संचालन किया जा रहा है। यहां पर खरीदारी कर गेहूं को एक प्राईवेट स्कूल परिसर में खुले आसमान के नीचे रखा गया था। यहा मजदूर बोरे की सिलाई कर बोरे को कमरे में रख रहे थे। यहां एक हफ्ते से एक ट्रैक्टर ट्राली पर गेहूं खरीद के लिए खङा था। किसानों ने बताया कि इस केंद्र पर कागजों में खरीद ज्यादा मौके पर गिने चुने या समर्थ किसानों से हो रही है। क्रय केन्द्र के इंचार्ज अनुराग वर्मा ने से गेहूं का नुकसान होना बताया। इसके बाद 1:40 बजे हांसामतलूबपुर क्रय केंद्र पर पहुंचे। वहां मौजूद केंद्र इंचार्ज चंद्रपति यादव ने वताया कि गुरुवार को दो ट्रक गेहूं का उठान हो गया था। जिसके कारण गेहूं भीगने से बच गया।
सरायमीर: बेमौसम बारिश से गेहूं क्रय केंद्र सरायमीर पर किसानों से खरीदा गया गेंहू भीग गया। इस संबंध में मार्केटिंग इंस्पेक्टर शानुल्लाह ने बताया कि आज गेहूं लोड होने वाला था। अंदर जगह नहीं थी इसलिए बाहर गेहूं रखा गया था। बोरी प्लास्टिक की है उसके ऊपर पॉलीथिन डाल दिया गया था। जिसके कारण ज्यादा नुकसान नहीं हुआ। 134 किसानों से गेहूं की खरीद हो चुकी है।
सगड़ी: तहसील क्षेत्र के जीयनपुर स्थित केंद्र पर अब तक 134 किसानों से 5948 कुंतल गेहूं की खरीदारी हो चुकी है। जिसमें से 95 किसानों का पैसा भी भुगतान हो चुका है। गेहूं को भीगने से बचाने के लिए तिरपाल आदि की व्यवस्था की गई है। क्रय केंद्र प्रभारी संतोष कुमार यादव ने बताया कि मौसम खराब होने के कारण जो किसान गेहूं क्रय केंद्र पर ला रहे हैं वह तिरपाल से ढ़ककर लाएं।