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आजमगढ़ में फिर आफत की बारिश: बरसात के कारण कई कच्चे मकान धराशायी, पिता-पुत्र समेत तीन की मौत

Sat, 02 Oct 2021 05:14 PM IST
उत्पल कांत अमर उजाला नेटवर्क, आजमगढ़

सार

आजमगढ़ में शुक्रवार सुबह साढ़े सात बजे से एक बार जो बारिश शुरू हुई जो अब तक जारी है। शहर के निचले इलाकों के लिए यह बारिश आफत बन गई है। मेंहनगर थाना क्षेत्र के भिटकासो गांव में कच्चा मकान गिरने से पिता-पुत्र की मौत हो गई। 
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बरसात में कच्चा मकान गिरा - फोटो : सोशल मीडिया।
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विस्तार
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यूपी के आजमगढ़ में लगातार हो रही बारिश ने आम जनजीवन को बेपटरी कर दिया है। बीते 24 घंटे से हो रही बरसात अब आफत बन गई है। बारिश के कारण  छह से ज्यादा कच्चे मकान धराशायी हो गए। जिससे मलबे में दब कर पिता-पुत्र समेत तीन की मौत हो गई। वहीं पीड़ित परिवारों की पूरी गृहस्थी ही मलबे में दब कर नष्ट हो गई है। सूचना पर पहुंची पुलिस ने मृतकों के शव को कब्जे में लेकर पीएम के लिए भेज दिया है। परिजनों में कोहराम मचा हुआ है। 

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भिटकासो गांव निवासी 60 वर्षीय जयप्रकाश पांडेय का कच्चा मकान था। शुक्रवार रात में परिवार के लोग इसी मकान में सो रहे थे। जयप्रकाश के साथ उसका 22 वर्षीय पुत्र विकास पांडेय भी सो रहा था। शनिवार तड़के अचानक मकान ढह गया। पिता-पुत्र मलबे में दब गए। मकान गिरते चीख-पुकार मचने से हड़कंप मच गया।

आनन-फानन परिजन और मौके पर जुटे ग्रामीण एकजुट होकर मलबा हटाने में जुट गए।  जब तक पिता-पुत्र को मलबे से बाहर निकाला जाता तब तक दोनों की मौत हो चुकी थी। ग्रामीणों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने दोनों के शव को कब्जे में लेकर पीएम के लिए भेज दिया। इधर, हादसे के बाद मृतक के परिजनों में कोहराम मचा है। पिता-पुत्र की मौत से गांव में मातम का माहौल है। 
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वहीं तहबरपुर के जानकीपुर गांव निवासी एक व्यक्ति का कच्चा मकान शनिवार को गिर गया। घटना में 78 वर्षीया जीरा देवी पत्नी स्व. रामबदन गोंड मलबे में दब गईं। ग्रामीण व परिजन जब तक उसे मलबे से बाहर निकालते तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। 

बारिश की नियत देख लोग बोले- हे प्रभु अब रहम करो!

आजमगढ़ में शुक्रवार सुबह साढ़े सात बजे से एक बार जो बारिश शुरू हुई जो अब तक जारी है। शहर के निचले इलाकों के लिए यह बारिश आफत बन गई है। बतातें चले कि एक पखवारे से शहर के निचले इलाके जलमग्न है। उनका जीवनयापन दुरूह हो चुका है, अभी इन इलाकों में थोड़ा बहुत पानी कम होना शुरू हुआ था कि इस बारिश की नियत को देखकर लोग हैरान-परेशान हो गए और हे भगवान, अब बस करो, रहम करो की दुआ मांगते नजर आए। 

छह अक्टूबर बारिश के आसार

शुक्रवार को शुरू हुई बारिश अभी लोगों की परेशानियों को कम करने वाली नहीं है।  कृषि विज्ञान केंद्र कोटवा मौसम वैज्ञानिक टीपी सिंह ने बताया कि यह बारिश किसी तुफान के कारण बल्कि सिंतबर-अक्तूबर माह में होने वाली सामान्य बारिश है। जो अभी आगामी छह अक्टूबर तक छिटपुट करते जारी रहेगा।  बताया कि शनिवार को 18.4 मिलीमीटर, तीन अक्टूबर को 14 मिमी, चार को 8 मिमी, पांच को 5.3 मिमी तो छह अक्तूबर को 5.5 मिलीमीटर संभावित बारिश होने के असार हैं। 
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घट रही तमसा लेकिन कम नहीं हुई मुसीबत

तमसा नदी का जलस्तर कम हो रहा है लेकिन शहरवासियों की मुसीबत कम होने का नाम नहीं ले रहा। शहर के निचले इलाके आज भी जल निकासी के कारण जलमग्न ही है। तमसा नदी अपने खतरा बिन्दु 74.44 मीटर से अभी 1.74 मीटर नीचे बह रही है। कट्रोल रूम द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार तमसा का जलस्तर बृहस्पतिवार को 73.16 मीटर तो शुक्रवार को 73.14 मीटर बताया गया है। वहीं इस बारिश से फिर एक बार तमसा नदी का जलस्तर बढ़ सकता है।
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