आजमगढ़। भारी संख्या में बाहर से आने वाले प्रवासियों के रहने के लिए शेल्टर होम और कम्यूनिटी किचन की व्यवस्था करने के निर्देश वाली प्रदेश सरकार ने अपना नीति में बदलाव कर दिया है। अब बाहर से आने वाले प्रवासियों को क्वारंटीन शेल्टर होम में नहीं रखा जाएगा। उन्हें 15 दिन का राशन देकर सीधे होम क्वारंटीन कर नियमों का पालन कराया जाएगा। यदि किसी में लक्षण दिखाई देता है तभी उसे इंस्टीट्यूशनल क्वारंटीन किया जाएगा और उसका सैंपल जांच के लिए भेजा जाएगा।
प्रवासियों के गृह जनपद भेजने के निर्णय के बाद जिला प्रशासन को शासन से सूचना दी गई थी कि जनपद में लगभग 15 हजार प्रवासी आ सकते हैं। इसी संख्या के अनुसार क्वारंटीन शेल्टर होम और कम्यूनिटी किचन की व्यवस्था करनी थी। जिला प्रशासन को प्रत्येक ब्लाक में एक हजार की क्षमता के शेल्टर होम तैयार किए जा रहे थे। कई तहसीलों में आठ से 10 की संख्या क्वारंटीन सेंटरों को चिह्नित भी कर लिया गया था। एक मई बाद बाहर से आए श्रमिकों को यहां भेजना भी शुरू किया गया था। इस बीच शासन की ओर से अपने नियमों में बदलाव कर दिया गया है। अब सामान्य परिस्थितियों में किसी को शेल्टर होम में नहीं रखा जाएगा। बाहर से जो श्रमिक आ रहे हैं यदि उनमें किसी में लक्षण दिखाई दे रहा है तो उसे इंस्टीट्यूशनल क्वारंटीन किया जाएगा। साथ ही सैंपल भेज उनकी जांच भी कराई जाएगी। इसके अतिरिक्त जो सामान्य होंगे उन्हें प्रारंभिक स्क्रीनिंग के बाद होम क्वारंटीन कर दिया जाएगा। घर भेजते समय उन्हें 15 दिन के लिए 21 किलो के राशन का पैकेट भी दिया जाएगा।
पात्र हुए तो एक हजार की सहायता राशि भी
आजमगढ़। होम क्वारंटीन किए गए प्रवासी श्रमिकों की पात्रता की जांच के बाद उन्हें एक हजार की सहायत धनराशि भी दी जाएगी। यदि उन्हें किसी अन्य सरकारी योजना का लाभ नहीं मिल रहा है तो इन योजना का उन्हें लाभ दिया जाएगा? इस योजना के तहत अभी तक लगभग 30 हजार लोगों को धनराशि दी जा चुकी है।
शासन की ओर से बाहर से आने वाले श्रमिकों को लक्षण नहीं मिलने पर होम क्वारंटीन करने के निर्देश दिए गए हैं। जिनमें लक्षण पाया जाएगा उनको इंस्टीट्यूशनल क्वारंटीन कर उनके सैंपल की जांच कराई जाएगी। - एनपी सिंह, जिलाधिकारी