मारपीट में घायल वृद्ध की मौत हो जाने के तीसरे दिन बुधवार को घर वाले उसकी लाश रौनापार थाने के करखिया गांव के पास रखकर जाम कर दिए। आक्रोशित लोग हत्यारोपियों की गिरफ्तारी और आर्थिक सहायता दिलाने की मांग कर रहे थे।
उधर शव रखकर जाम करने की सूचना पर रौनापार थाने की पुलिस पहुंची और जबरन लाश को उठा ले गई। मौके पर पहुंचे नायब तहसीलदार सगड़ी ने आश्वासन पर सुबह आठ बजे से लगा जाम करीब चार घंटे बाद समाप्त हुआ। दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लगी रही।
रौनापार थाने के केवटहिया गांव में नौ मार्च को लेहसुन और प्याज उखाडने के विवाद में दो पक्षों के बीच मारपीट हुई। इसमें एक पक्ष से बूना निषाद (65) उसका भाई बनारसी (60) और बहू सुशीला (35) पत्नी प्रह्लाद घायल हो गई। इन सभी का जिला अस्पताल में इलाज चल रहा था। बूना की हालत गंभीर देख उसे एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां इलाज के दौरान सोमवार की रात उसकी मौत हो गई। मंगलवार को बूना की लाश घर पहुंची।
बुधवार की सुबह गांव वालों के साथ घर के लोग बूना की लाश लेकर करखिया गांव पहुंचे और शव रखकर बिलरियागंज-रौनापार मुख्य मार्ग को जाम कर दिया। इन लोगों का आरोप है कि घटना के संबंध में बूना के भतीजे बाबूलाल निषाद ने विपक्ष के नोखिया, बहादुर, सत्यनारायण और श्यामप्रीत के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है।लेकिन पुलिस एक भी आरोपी गिरफ्तार नहीं कर सकी। गुस्साए लोग आरोपियों की गिरफ्तारी और आर्थिक सहायता की मांग कर रहे थे।
नायब तहसीलदार सगड़ी मनीष कुमार सीओ बूढनपुर राधेश्याम भारी संख्या में पुलिस फोर्स लेकर पहुंचे और आश्वासन देकर जाम समाप्त करवाया। सीओ राधेश्याम ने बताया कि आरोपियों की गिरफ्तारी में पुलिस जुटी है। नायब तहसीलदार मनीष कुमार ने बताया कि नियम के तहत मिलने वाली प्रत्येक सहायता दिलाई जाएगी। इसके लिए क्षेत्रीय लेखपाल से रिपोर्ट मांगी गई है।