आजमगढ़। डीएम ने पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनप्रतिनिधियों द्वारा सुझाई गई सड़कों के प्रस्तावों को प्राथमिकता के आधार पर तैयार किया जाए। पिछले वर्ष प्राप्त प्रस्तावों को भी सूची में शामिल करने और सभी प्रस्तावों का परीक्षण सुनिश्चित करने को कहा।
उन्होंने विधानसभावार सड़कों की सूची तैयार करने और सबसे खराब सड़कों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। साथ ही, संबंधित खंड के अधिकारियों को जनप्रतिनिधियों से सत्यापन कराने का आदेश दिया।
डीएम रविंद्र कुमार की अध्यक्षता में सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में सड़कों के नवनिर्माण, सुदृढ़ीकरण, चौड़ीकरण, पुल और पुलिया के निर्माण व मरम्मत को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में डीएम ने अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिया।
डीएम ने कहा कि जनउपयोगी और आईजीआरएस पर शिकायतों वाली सड़कों को शीर्ष प्राथमिकता दी जाए। प्रस्ताव तैयार करते समय सड़क की वास्तविक फोटो और खराब सड़क का प्रमाण पत्र अनिवार्य रूप से शामिल किया जाए।
उन्होंने पिछले वर्ष स्वीकृत लेकिन निर्माण न हो पाई सड़कों को भी प्रस्ताव में शामिल करने को कहा। सत्यापन रिपोर्ट में यह स्पष्ट करना होगा कि सूची में शीर्ष पर अंकित सड़क की मरम्मत या चौड़ीकरण सबसे अधिक आवश्यक है। बैठक में सांसद लालगंज दरोगा प्रसाद सरोज, विधायक दुर्गा प्रसाद यादव, डॉ. संग्राम यादव, अखिलेश यादव, पूजा सरोज सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने अपने क्षेत्र की सड़कों की स्थिति से अवगत कराया। इस दौरान अधिशासी अभियंता पीडब्ल्यूडी और अन्य संबंधित अधिकारी भी उपस्थित रहे।