शहर के विठ्ठल घाट स्थित मस्जिद में बकरीद की नमाज अदा करते मुस्लिम समुदाय के लोग।
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आजमगढ़। हजरत इब्राहिम की याद में मनाया जाने वाला त्यौहार ईद उल अजहा की नमाज बुधवार को शहर से लेकर ग्रामीणांचल तक अकीदत के साथ अदा की गई। इस दौरान लोगों ने देश की सलामती व कोरोना के खात्मे की दुआ मांगी। नमाज के बाद घर-घर कुर्बानी का दौर शुरू हुआ।
बकरीद की नमाज को लेकर मुस्लिम समुदाय के लोग भोर से ही तैयारी में जुट गए थे। बदरका ईदगाह से लेकर शहर के कई मस्जिदों में बकरीद की नमाज अदा की गई। ज्यादातर लोगों ने घरों में ही नमाज अदा की। नमाज के बाद लोगों ने खूतबा सुना और फिर एक दूसरे को बधाईयां दी। मस्जिदों में एक बार में 50 की निर्धारित संख्या में ही लोगों ने कोरोना गाइड लाइन का पालन करते हुए नमाज अदा किया। नमाज के बाद लोगों ने देेश के सलामती व कारोना के खात्मे की दुआ भी किया। नमाज के बाद तीन दिन के कुर्बानी की शुरूआत हुई। लोगों ने घर-घर अपने क्षमता के अनुरूप जानवरों की कुर्बानी किया। इसके बाद मिलने-मिलाने व बधाईयां देने का जो दौर शुरू हुआ वह देर रात तक चलता रहा। लोग एक दूसरे के घर पहुंच कर बधाईयां दी और पकवानों का लुत्फ उठाया।
बच्चों में दिखा गजब का उत्साह
आजमगढ़। बकरीद के त्यौहार का जश्न कोरोना की भेंट चढ़ गया। कोविड गाइड लाइन का कड़ाई से अनुपालन होता देखने को मिला। युवा व बुजुर्गों ने सादगी के साथ बकरीद का त्यौहार मनाया तो वहीं संक्रमण में कमी के चलते बच्चों का उत्साह देखने लायक था। रंग विरंगे कपड़ों में बच्चो की टोली सड़कों पर चहलकदमी करती नजर आई और एक दूसरे के घरों पर पहुंच कर व्यंजनों का भी लुत्फ उठाया। इसके साथ ही बड़ों से ईदी लेने के साथ ही बधाईयां भी दी।
सड़कों पर नहीं दिखा नमाजियों का रेला
आजमगढ़। कोरोन की पाबंदियों के चलते इस बार सड़कों पर नमाजियों का रेला नहीं देखने को मिला। ईदगाह व मस्जिदों पर प्रशासन द्वारा निर्धारित संख्या से भी कम लोगों ने पहुंच कर नमाज अदा किया। ज्यादातर लोग अपने घरों में ही परिवार के अन्य सदस्यों के साथ नमाज अदा की और बधाईयां देते हुए घर परिवार के साथ ही त्यौहार मनाया।
शहर के कटरा मुहल्ले में बकरीद की नमाज अदा करते मुस्लिम बच्चें।- फोटो : AZAMGARH