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Azamgarh News: जर्जर खंभों-झूलते तारों के भरोसे बिजली व्यवस्था

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राजागंज मार्ग पर लटका विद्युत खंभा। संवाद
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शहर से लेकर गांवों तक जर्जर तारों और खंभों के भरोसे बिजली व्यवस्था चल रही है। रिवैम्प्ड योजना में करीब 135 करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं, लेकिन 50 से अधिक जगहों पर तारों के मकड़जाल से मुक्ति नहीं मिल सकी है।
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हाईटेंशन समेत विभिन्न लाइनों के 100 से अधिक खंभे कई स्थानों पर नीचे से सड़कर गल चुके हैं। कई खंभे सिर्फ तारों के सहारे खड़े दिखाई देते हैं। यही नहीं, हाईटेंशन लाइनों के खंभों को सहारा देने के लिए पास में दूसरा खंभा लगाया गया है। ऐसे में तेज हवा या बारिश के दौरान इनके गिरने का खतरा बना रहता है।
बिजली व्यवस्था को आधुनिक बनाने के लिए वर्ष 2022 में जिले में करीब 135 करोड़ रुपये की लागत से रिवैम्प्ड योजना शुरू की गई थी। इसके तहत पुराने तारों को बंच केबल में बदलने, क्षतिग्रस्त एवं झुके हुए पोल हटाकर नए खंभे लगाने सहित अन्य कार्य प्रस्तावित थे।
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योजना का काम बीते वर्ष पूरा होने की बात कही जा रही है, लेकिन व्यवस्था में अभी सुधार नहीं हुआ है। शहर के पुरानी जेल उपकेंद्र की लाइन में बार-बार फॉल्ट की समस्या बनी रहती है।
इसके कारण उपभोक्ताओं को निर्धारित शेड्यूल के मुताबिक बिजली नहीं मिल पा रही है। जर्जर तारों की वजह से हमेशा हादसे की आशंका बनी रहती है। इसके बावजूद निगम इन्हें चिह्नित कर स्थायी समाधान नहीं कर रहा है।
बरदह: क्षेत्र में कई स्थानों पर जर्जर तार पड़े हुए हैं, लेकिन अभी तक इन्हें बदला नहीं जा सका है। मोहम्मदपुर में भी यही हाल है। रसूलपुर तुंगी में सड़क पर जर्जर तार लटक रहा है। राजागंज मार्ग पर खंभा नीचे की तरफ झुक गया है।
अतरौलिया: बाजार में कई स्थानों पर जर्जर तार और खंभे पड़े हुए हैं। इन्हें बदला नहीं जा सका है। पूरवा अतरौलिया, महम्मदपुर और अन्य जगहों पर भी तार जर्जर हो चुके हैं।
तारों का फैला मकड़जाल
शहर में मातबरगंज, पुरानी कोतवाली, आसिफगंज और चौक क्षेत्र में कई स्थानों पर तारों का मकड़जाल फैला हुआ है। गुरुटोला वार्ड में कई लोगों के घरों के सामने केबल काफी नीचे लटक रही है। इससे आने-जाने वाले लोगों को परेशानी होती है। निगम इन समस्याओं पर ध्यान नहीं दे रहा है।
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सड़कर गल गए लोहे के खंभे
शहर में पुराना पावर हाउस, सिधारी और हरबंशपुर में कई लोहे के खंभे नीचे से सड़कर गल चुके हैं। इन्हें बदला नहीं जा रहा है। शारदा चौराहे से रैदोपुर और ठंडी सड़क जाने वाले मार्ग पर कई हाईटेंशन लाइन के खंभों को बगल में दूसरा खंभा लगाकर सहारा दिया गया है। गुरुटोला वार्ड में एकतखा पुल के पास, ऑफिसर्स कॉलोनी, मड़या, फराशटोला आदि मोहल्लों में खंभे एक तरफ झुक गए हैं। शहर में बंदरों का आतंक ज्यादा है। वे अक्सर खंभों और तारों पर चढ़कर उन्हें हिलाते रहते हैं। ऐसे में हादसे का खतरा बना रहता है।
बयान
फोटो संख्या- 29
बिजली व्यवस्था में सुधार के नाम पर हर साल करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं, लेकिन आज भी जर्जर तार और खंभे पड़े हुए हैं। इसकी वजह से अक्सर फॉल्ट की समस्या बनी रहती है। आंधी-बारिश में तो खतरा और बढ़ जाता है। -नवीन राय, बरदह
फोटो संख्या- 30
करोड़ों रुपये खर्च होने के बाद भी बिजली व्यवस्था में सुधार नहीं हो पा रहा है। जर्जर तारों और खंभों से हमेशा हादसे की आशंका बनी रहती है। निर्बाध बिजली आपूर्ति का दावा करने वाले निगम का हाल यह है कि जरा-सी हवा या बारिश होते ही बिजली काट दी जाती है। -संजय यादव, अतरौलिया
-वर्जन
आरडीएसएस योजना में जो काम होने थे, वे पूरे हो चुके हैं। जो काम बचे हैं, उन्हें अन्य योजनाओं में शामिल कर कराया जाएगा। बिजनेस प्लान में जिन जरूरी कामों को शामिल किया गया है, उन्हें कराया जाएगा। -महेंद्र कुमार, अधिशासी अभियंता

राजागंज मार्ग पर लटका विद्युत खंभा। संवाद

राजागंज मार्ग पर लटका विद्युत खंभा। संवाद

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