बलरामपुर। अज्ञात लाशों के साथ मर्चरी हाऊस प्रशासन, बलरामपुर चौकी पुलिस व स्वास्थ्य महकमे की लापरवाही का क्रम लगातार जारी है। छह दिन पूर्व जिला अस्पताल में मृत अज्ञात महिला की लाश छह दिन मर्चरी में सड़ाने के बाद मंगलवार की शाम पीएम करा कर अंतिम संस्कार कराया गया।
छह दिन पूर्व जिला अस्पताल में भर्ती एक अज्ञात महिला की इलाज के दौरान मौत हो गई। इसके बाद अस्पताल प्रशासन ने महिला की लाश को मर्चरी हाऊस में रखवा कर अपनी जिम्मेदारी की इतिश्री कर लिया। वहीं न तो स्वास्थ्य विभाग के पोस्टमार्टम हाउस प्रशासन ने ही बलरामपुर चौकी पुलिस ने ही जिम्मेदारी निभायी। परिणाम यह हुआ कि छह दिनों तक अज्ञात महिला की लाश मर्चरी हाउस में सड़ती रही। मंगलवार को इसकी जानकारी होने पर जब जिम्मेदारों से जवाब तलब शुरू किया गया तो वे एक दूसरे पर जिम्मेदारी मढ़ते हुए खुद को पाकसाफ साबित करने की कवायद में जुट गए और फिर मंगलवार की देर शाम आनन-फानन में महिला के शव का पीएम करा कर लावारिस के रुप में अंतिम संस्कार भी करा दिया गया। इस बाबत पूछे जाने पर एसआईसी डॉ. एके सिंह ने कहा कि पीएम कराने की जिम्मेदारी हमारी नहीं है। महिला के मौत के बाद शव पोस्टमार्टम प्रशासन को सौंप दिया गया और अब पीएम कराने की जिम्मेदारी सीएमओ व बलरामपुर चौकी पुलिस की है। वहीं बलरामपुर चौकी इंचार्जं कमलनयन दूबे ने मर्चरी में छह दिन पुराने शव होने की जानकारी से इंकार किया और कहा कि अस्पताल प्रशासन ने जब शव मर्चरी में रखवाया तो उसे बताना चाहिए था। फिलहाल पीएम करा कर शव का अंतिम संस्कार मंगलवार की शाम करा दिया गया है।
मर्चरी में छह दिन तक शव नहीं पड़ा हो सकता। यदि ऐसा है तो मुझे इसकी जानकारी नहीं है। अभी पता करते है कि ऐसा कैसे हो गया कि मौत के छह दिन बाद तक मर्चरी में शव पड़ा रहा और उसका पीएम करा कर अंतिम संस्कार नहीं हुआ।
डॉ. इंद्र नरायण तिवारी, सीएमओ, आजमगढ़।