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अपनी अस्मत की रक्षा के लिए ही गरीब करता है हमला: ओम प्रकाश

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रानी की सराय के चेकेदी में घटना की जाकारी लेते पूर्व मंत्री ओम प्रकास राजभर। - फोटो : AZAMGARH
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रानी की सराय। पुलिस देख कर गरीब भागता है, गरीब तब किसी पर हमला करता है जब उसके आत्मसम्मान व अस्मत पर हमला होता है। निश्चित तौर पुलिस ने कुछ ऐसा किया है, जिस पर गांव की गरीब जनता ने पुलिस पर हमला किया। हमला दोनों तरफ से हुआ है और सिर्फ पुलिस ही नहीं ग्रामीण भी घायल हुए है। उक्त बातें पूर्व मंत्री व सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने कहीं। वे बृहस्पतिवार को रानी की सराय थाना क्षेत्र के चकीदी गांव में हुए विवाद की जानकारी करने के लिए आए हुए थे।
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उन्होंने कहा कि गांव में विवाद पासी व राजभर में हुआ था, जिसे पुलिस ने अपने ऊपर ले लिया। घटना की जानकारी होने पर जब वे गांव में पहुंचे तो फोर्स के साथ पहुंचना चाहिए था और दोनों पक्षों से कुछ लोगों का शांति भंग में चालान करना चाहिए था। एक पक्ष के खिलाफ कार्रवाई कर स्वयं पुलिस ने विवाद को बढ़ाने का कार्य किया। पूर्व मंत्री पहले पासी बस्ती में गए और वहां लोगों से घटना क्रम की जानकारी ली। इसके बाद वे राजभर बस्ती में पहुंचे तो सभी घरों पर ताला बंद था लोग पुलिस के डर से घर छोड़ कर फरार थे। मीडिया से रुबरू होते हुए उन्होंने कहा कि कानपुर में विकास दुबे का इनकाउंटर फर्जी है। जब वह उज्जैन में गिरफ्तार हुआ तो उसे पहले वहां के कोर्ट में पेश करना चाहिए था, इसके बाद उसे कानपुर लाना चाहिए था। चूंकि विकास की गिरफ्तारी से सत्ताधारी दल के कई नेता व मुख्यमंत्री के साथ बैठने वाले आईएएस अधिकारी अपना नाम सामने आने को लेकर सहम से गए थे, जिसके चलते ही उज्जैन में गिरफ्तारी के बाद उसे तत्काल कानपुर लाया जाने लगा और रास्ते में मुठभेड़ दिखा कर सारे राज को दफन कर दिया गया। रामजनम भूमि पर मंदिर निर्माण की शुरूआत के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमण के चलते आम जनता के सारे काम बंद है तो वहीं सरकार मंदिर का निर्माण शुरू कराने जा रही है, जो गलत है। उन्होंने कहा कि चकीदी गांव की घटना में पुलिस अब उत्पीड़न कर रही है, जिसके खिलाफ वे लड़ाई लड़ेंगे। इस अवसर पर प्रदेश महासचिव शशिप्रकाश सिंह, प्रदेश महासचिव चंद्रजीत राजभर, धर्मेंद्र राजभर, गीता गिरी, संजय, दीपक, रामबहादुर राजभर आदि मौजूद रहे।
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