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बिना प्रयोग कैसे आया हवाई पट्टी का 56 लाख का बिल

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आजमगढ़। रिजनल कनेक्टिविटी स्कीम में हवाई अड्डे में तब्दील हुई मंदुरी हवाई पट्टी का बिजली विभाग ने अभी तक 52 लाख से ज्यादा का बिजली बिल बकाया बता कनेक्शन देने से इंकार कर दिया गया था। बिल जमा करने के लिए शासन से धन की डिमांड की गई तो शासन ने इसकी कमेटी बनाकर जांच कराने के निर्देश दिए हैं। जांच के लिए कमेटी का गठन कर दिया गया है।
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जनपद की मंदुरी हवाई पट्टी को रिजनल कनेक्टिविटी स्कीम के तहत हवाई अड्डे में तब्दील किया जा रहा है। कार्य लगभग समाप्ति की ओर है। इस बीच हवाई अड्डे पर बिजली का नया कनेक्शन लेने की जरूरत आई तो इसके लिए विभाग को पत्र लिखा गया। बिजली विभाग ने बताया कि जनवरी 2012 से अक्तूबर 2019 तक हवाई पट्टी पर 56.60 लाख का बिल बकाया है। पहले बकाया भुगतान कराया जाए, इसके बाद ही नया कनेक्शन दिया जा सकेगा। इस पर जिला प्रशासन की ओर से बिल के भुगतान के लिए शासन से धनराशि की डिमांड की गई। पहले डिमांड के लिए ये पत्र कई विभागों के पास घूमता रहा। अब शासन की ओर से पूछा गया कि हवाई पट्टी का नियमित प्रयोग होता नहीं है। कभी-कभार शासकीय प्लेन या हेलीकाप्टर उतरने की दशा में ही इसका प्रयोग होता है। अन्यथा की स्थिति ये बंद रहता है। ऐसी स्थिति में बिजली विभाग का इतना बड़ा बकाया कैसे हो सकता है।
शासन ने बिजली विभाग के बिल की जांच तीन सदस्यीय कमेटी से कराने के निर्देश दिए हैं। इस पर एडीएम प्रशासन नरेंद्र सिंह ने एसडीएम सदर, एक्सईएन पीडब्ल्यूडी प्रांतीय खंड और एक्सईएन विद्युत वितरण खंड प्रथम को जांच के लिए नामित किया है।
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नरेंद्र सिंह, एडीएम प्रशासन का कहना है कि शासन के निर्देश पर बताया बिजली बिल की जांच के लिए कमेटी बना दी गई है। कमेटी की रिपोर्ट मिलने के बाद इसे शासन को प्रेषित किया जाएगा।
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