दोनों महिलाओं को आशीष पुत्र गुलाब बाइक से लेकर आया था। वहीं अन्य साथी फरार अभियुक्त सत्यजीत सिंह के साथ कार से आए थे। ये लोग एक साल से नकली नोट चलाने का काम कर रहे थे। अब तक लगभग 10 लाख की जाली करेंसी चलाने की बात स्वीकार की है।
इन्होंने बताया कि फरार अभियुक्त सत्यजीत सिंह अपने भाई राजेश सिंह के साथ मिल कर जाली करेंसी तैयार करता है और फिर उसे पकड़े गए लोगों के माध्यम से संचालित कराता है। एसपी सिटी ने बताया कि नकली नोट पकड़े वाली पुलिस टीम को एसपी अनुराग आर्य ने ढाई हजार रुपये का इनाम दिए जाने की घोषणा की है।
एक अभियुक्त के पास पुलिस की वर्दी
एसपी सिटी ने बताया कि जाली नोटों के साथ पकड़े गए एक अभियुक्त रामचेत ने अपने पास उपनिरीक्षक स्तर की वर्दी भी रखी है। जिसे वह नकली नोट के परिवहन के दौरान पुलिस को चकमा देने के लिए प्रयोग करता था। उन्होंने बताया कि प्रेम विश्वकर्मा जाली नोट चलाने के लिए एजेंट तैयार करता था तो वहीं पकड़ी गई दोनों महिलाओं के माध्यम से नकली नोट की डिलिवरी कराई जाती थी।
चाय व पान की दुकानों पर होती थी नोटों की डिलिवरी
पकड़े गए अभियुक्तों ने बताया कि नकली नोट की डिलिवरी चाय, पान, चाट आदि की दुकानों पर की जाती थी। महिलाएं शहर के बवाली मोड़ से रोडवेज के बीच स्थित चाट की दुकानों के अलावा चांदपट्टी, महराजगंज, केवटहिया आदि बाजारों में नकली नोट संचालित करती थीं।