राजकीय पालीटेक्निक हर्रा की चुंगी के हास्टल में रहने वाले छात्रों ने खराब खाने और प्रबंधन के धमकाने की शिकायत करने पर उनको पुलिस से धमकी दिलवाई गई। चोरी का आरोप लगाया एक लाख रुपये भरने को कहा गया। शनिवार रात को हास्टल पहुंची पुलिस और शिक्षकों ने छात्रों की जमकर क्लास लगाई। उधर अधिकतर छात्र हास्टल छोड़ गए हैं।
एक शिक्षक विशेष की ओर से रस्टीकेट करने और गालियां देकर फंसाने की बात करने का आरोप छात्रों ने लगाया है। बालिका हास्टल में छात्राओं की पिटाई करने की बात सामने आई है। धमकी, कालेज बंद होने, खाना न मिलने से छात्र छात्रावास छोड़ घर चले गए हैं। हास्टल में बचे मात्र चार छात्र भी मीडिया से कुछ कहने से बचते दिखे।
राजकीय पालीटेक्निक हर्रा की चुंगी के हास्टल में रहने वाले छात्रों ने शनिवार सुबह कलक्ट्रेट का घेराव कर मेस में खराब खाना मिलने, शौचालय के दरवाजे टूटे होने और इसका विरोध करने पर हास्टल से निकालने की शिकायत की थी।
छात्रों के अनुसार शनिवार की रात कुछ पुलिस वालों के साथ कालेज के शिक्षक फिर हास्टल पहुंचे। उनको रस्टीकेट करने की धमकी दी। छात्रों ने एक शिक्षक पर गालियां देने का भी आरोप लगाया। वहीं, प्रिंसिपल इश्तेखार अहमद ने भी रात में पुलिस के हास्टल जाने की बात स्वीकार की है। उनका कहना है कि शुक्रवार को छात्रों ने काफी उद्दंडता की थी। पुलिस समझाने के लिए गई थी।
पिछले दो दिनों से राजकीय पालीटेक्निक हर्रा की चुंगी के हास्टल में चल रहे घटनाक्रम में खुफिया विभाग की ओर से नजर रखी जा रही है। विद्यालय में चार मार्च तक छुट्टी कर दी गई है। पूरे मामले पर नजर रखी जा रही है। इसकी रिपोर्ट भी शासन को भेज दी गई है।
हटाया गया मेस का ठेकेदार
आजमगढ़। राजकीय पालीटेक्निक हर्रा की चुंगी के हास्टल में रहने वाले छात्रों को मेस में सड़े मटर और गोभी की सब्जी खिलाने और विरोध करने पर उन्हें हास्टल से निकालने का मुद्दा अमर उजाला की ओर से उठाने के बाद हास्टल प्रबंधन बैकफुट पर आ गया है। प्रिंसिपल ने खराब खाना बनवाने वाले मेस संचालक को जहां हटा दिया है, वहीं, कहा है कि खाने की व्यवस्था पहले की तरह खुद छात्र संभालेंगे।
हास्टल में शौचालय और खिड़कियों की हालत सुधारने के लिए शासन को लिखने को कहा है। राजकीय पालीटेक्निक हर्रा की चुंगी के हास्टल में रहने वाले थर्ड ईयर के छात्रों ने मेस ठेकेदार पर सड़ी गली सब्जियों का खाना बनाने का आरोप लगाकर हास्टल और कलक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया था। छात्रों का आरोप था कि खराब खाने का विरोध करने पर जहां खाना बनाना बंद कर दिया गया था, वहीं सभी को हास्टल खाली करने का फरमान जारी कर दिया गया।
मामला जिलाधिकारी के संज्ञान में पहुंचने के बाद प्रबंधन ने छात्रों को फिर से वापस ले लिया था। रविवार को प्रिंसिपल इश्तेखार अहमद ने बताया कि छात्रों की खराब खाने की शिकायत सही थी। इस पर मेस के ठेकेदार को हटा दिया गया है। खाने की व्यवस्था अब पहले की तरह छात्र ही देखेंगे। इसके साथ ही हास्टल की बदहाल व्यवस्था टूटे शौचालय और खिड़कियों को शासन को पत्र लिख कर सुधरवाने की मांग की जाएगी।