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Azamgarh News: डॉक्टर ने रंगदारी, लूट और जातिसूचक टिप्पणी करने का लगाया आरोप, तीन पर प्राथमिकी दर्ज

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आजमगढ़। मंडलीय अस्पताल में तैनात हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. विनोद कुमार ने पत्रकार सहित तीन लोगों पर रंगदारी मांगने, जातिसूचक टिप्पणी करने, सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने, मारपीट, लूट और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया गया है। न्यायालय के आदेश पर कोतवाली पुलिस ने संबंधित धाराओं और एससी-एसटी एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज करके मामले की विवेचना शुरू कर दी है।
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गाजीपुर जिले के कासिमाबाद थाना क्षेत्र के इंदौरा गांव निवासी डॉ. विनोद कुमार वर्तमान में मंडलीय अस्पताल आजमगढ़ में हड्डी रोग विशेषज्ञ के पद पर तैनात हैं। अदालत में दिए गए प्रार्थना पत्र में उन्होंने आरोप लगाया है कि मधुर श्रीवास्तव, जो खुद को पत्रकार बताते हैं, उनसे प्रति महीने 10 हजार रुपये देने का दबाव बनाते हैं। आरोप है कि रकम देने से इन्कार करने पर उन्हें बदनाम करने और नौकरी छोड़ने पर मजबूर करने की धमकी दी गई। प्रार्थना पत्र के अनुसार 18 मार्च 2026 की सुबह अस्पताल जाते समय मधुर श्रीवास्तव, देवेंद्र सिंह और एक अज्ञात व्यक्ति ने उन्हें रास्ते में रोक लिया। आरोप है कि तीनों ने जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए गाली-गलौज की, सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाया। उनकी जेब से तीन हजार रुपये निकाल लिए। शोर सुनकर आसपास के लोग पहुंचे तो आरोपी धमकी देते हुए भाग गए। घटना की सूचना पहले कोतवाली पुलिस, एसपी को दी गई। फिर भी प्राथमिकी दर्ज नहीं हुई। इसके बाद उन्होंने न्यायालय की शरण ली।
चिकित्सक पहले भी रहे हैं विवादों में
मंडलीय अस्पताल के उक्त हड्डी रोग विशेषज्ञ का नाम इससे पहले भी एक विवाद में सामने आ चुका है। 12 मार्च 2026 में सिधारी थाना क्षेत्र के करनपुर गांव निवासी देवेंद्र सिंह परिहार अपनी 85 वर्षीय मां सावित्री देवी को इलाज के लिए मंडलीय अस्पताल की इमरजेंसी में पहुंचे थे। उस दौरान एक्स-रे कराने के लिए चिकित्सक और सुरक्षाकर्मियों के साथ उनका विवाद हो गया था। परिहार ने मारपीट का आरोप लगाया था। इसमें उनकी बुजुर्ग मां भी चोटिल हो गईं थीं।
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