शहर के बड़ादेव पर जांच करती पुलिस।
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आजमगढ़। लाक डाउन के दौरान अक्सर लोग बिना काम के ही सड़कों पर निकल रहे हैं। ऐसे लोगों के साथ कड़ाई बरतने की बजाए पुलिस द्वारा जगह-जगह रोककर उनके नाम पता और मोबाइल नंबर नोट करके ही छोड़ा जा रहा है। पुलिस की इस कार्रवाई के बाद भी लोग घरों से निकलने से बाज नहीं आ रहे हैं। हालांकि प्रशासन की ओर से बार-बार लोगों से घरों में ही रहने की अपील की जा रही है।
कोरोना महामारी से निपटने में हर देश अपने-अपने तरीके से निपटने में जुटा हुआ है। इसी क्रम में पीएम नरेंद्र मोदी ने अपने देश में लाक डाउन घोषित कर रखा है। कोरोना महामारी से निपटने के लिए उन्होंने लाक डाउन को ही हथियार बनाया है। लेकिन इसके बाद भी लोग लाक डाउन का उल्लंघन करने से बाज नहीं आ रहे हैं। जबकि लाकडाउन का ही परिणाम है कि अन्य देशों की तुलना में हमारे देश में मौतें अभी बहुत कम हैं। लेकिन अगर इसी तरह से लोग लाकडाउन का उल्लंघन करते रहे तो इसे फैलने से रोकना मुश्किल होगा। लोगों से लाक डाउन का पालन कराने के लिए पुलिस और प्रशासन की ओर से काफी प्रयास किए जा रहे हैं। डीएम जहां लोगों से अपील करते हुए कर्फ्यू लगाने की चेतावनी दे रहे हैं वहीं पुलिस द्वारा शहर से भीड़भाड़ वाले इलाकों में ड्रोन कैमरे से भी नजर रखी जा रही है। इतना ही नहीं बेवजह घूमने निकले लोगों का चालान भी किया जा रहा है। लोगों में कार्रवाई का भय पैदा करने के लिए हर चौराहे और तिराहे पर तैनात पुलिस कर्मियों के पास एक रजिस्टर रखा गया है। इस रजिस्टर पर वह हर बाइक वाले को रोककर उनका नाम, मोबाइल नंबर और पता नोट कर रहे हैं। लेकिन इसके बाद भी लोग घरों से निकलने से बाज नहीं आ रहे हैं। सोमवार को मुबारकपुर के दो और लोगों में कोरोना की पुष्टि होने के बाद हालात और गंभीर हो गए हैं। अगर अब भी नहीं संभले तो जनपद के हालात भी भयावह होंगे।