आजमगढ़ जिले में शंभूपुर हत्याकांड को जातिगत रंग देने वाली भ्रामक पोस्ट पर प्राथमिकी दर्ज की गई है। मामले में एसपी ने कहा कि अब तक की जांच में घटना के जातिगत संघर्ष से संबंधित होने का कोई तथ्य सामने नहीं आया है।
आजमगढ़ पुलिस ने शंभूपुर गांव में हुई गंभीर घटना को जातिगत विवाद और तनाव बताने वाली सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रही भ्रामक पोस्टों का खंडन किया है। एसपी डॉ. अनिल कुमार ने कहा कि अब तक की जांच में घटना के जातिगत संघर्ष से संबंधित होने का कोई तथ्य सामने नहीं आया है। जातिगत विवाद बताने वाली पोस्ट करने वाले अकाउंट के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच की जा रही है।
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घटना का संबंध घर में चल रहे पूजा-पाठ के चौथे दिन उत्पन्न विवाद से है। विवाद के बाद अभियुक्त अरविंद सिंह ने अपनी पत्नी और पूजा कराने आए दो पुरोहितों पर फायरिंग की। फायरिंग में आरोपी की पत्नी और दोनों पुरोहितों की मौके पर ही मौत हो गई।
पुलिस जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि घटना का संबंध जातिगत संघर्ष से नहीं है। उपलब्ध तथ्यों और परिवारजनों के बयानों के आधार पर, आरोपी को छोड़कर संबंधित तीनों परिवारों के मध्य किसी प्रकार का जातिगत विवाद या पूर्व शिकायत सामने नहीं आई है।
सोशल मीडिया पर भ्रामक और तथ्यहीन पोस्ट प्रसारित करने वाले एक्स अकाउंट @Wale......70737 के विरुद्ध थाना अहरौला में बीएनएस की विभिन्न धाराओं और आईटी एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है और कार्रवाई की जा रही है।