लाटघाट। सगड़ी तहसील क्षेत्र के सहबदिया गांव में बाढ़ के कारण करीब 58 बीघा परवल की फसल बर्बाद हो गई है। इससे 12 से ज्यादा किसानों के सामने परिवार चलाने का संकट खड़ा हो गया है, वहीं बेटियों की शादी के सपने भी टूट गए हैं। महीनों की मेहनत और लगाई गई पूंजी बाढ़ के पानी में डूब जाने से किसान हताश हैं।
किसानों का कहना है कि यदि बाढ़ न आती तो परवल की फसल से होने वाली आमदनी से बच्चों की पढ़ाई, घर-गृहस्थी और बेटियों की शादी का खर्च पूरा किया जा सकता था। सहबदिया गांव निवासी श्रीबल पटेल ने साढ़े तीन बीघा में परवल की खेती की थी, जिसमें प्रति बीघा करीब 50 हजार रुपये का खर्च आया था। फसल तैयार होने के बाद परवल निकालने की तैयारी थी, तभी बाढ़ का पानी खेतों में भर गया। श्रीबल पटेल को प्रति बीघा करीब एक लाख रुपये की आमदनी की उम्मीद थी।
श्रीबल पटेल ने बताया कि नवंबर में उनकी दो पोतियों की शादी तय है, जिसके लिए परवल की फसल से होने वाली आमदनी पर निर्भर थे। फसल बर्बाद होने से शादी के खर्च की व्यवस्था को लेकर उनकी चिंता बढ़ गई है। इसी तरह, गांव के मोतीलाल ने अधिया-बटाई पर चार बीघा में परवल की खेती की थी और उम्मीद थी कि इससे बेटी की शादी का खर्च निकलेगा। फसल बर्बाद होने से शादी के साथ-साथ परिवार के अन्य खर्चों की चिंता भी बढ़ गई है।
किसानों ने बताया कि परवल की खेती से होने वाली आमदनी से ही बच्चों की पढ़ाई, घर का खर्च और अन्य जरूरतें पूरी होती थीं। बाढ़ के पानी से न केवल फसल बल्कि किसानों की महीनों की मेहनत और लगाई गई पूंजी भी डूब गई है। किसानों ने प्रशासन से फसल नुकसान का सर्वे कराकर उचित मुआवजा और सरकारी सहायता दिलाने की मांग की है। अभी तक प्रशासन की ओर से बर्बाद हुई फसलों का सर्वे भी नहीं किया गया है।
-
फसलों के नुकसान के लिए लेखपाल को पत्र जारी किया गया है। किसानों की बर्बाद हुई फसल की क्षति का आकलन कराकर उनमें मुआवजे का वितरण कराया जाएगा।-संजीव कुमार राय, एसडीएम सगड़ी।