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नागरिकता संशोधन विधेयक के विरोध में उतरे लोग

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शिबली पीजी कालेज के बाहर नागरिकता संशोधन बिल के विरोध में प्रदर्शन करते छात्र। - फोटो : AZAMGARH
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आजमगढ़। नागरिकता संशोधन विधेयक को लेकर जिले में कई स्थानों पर विरोध-प्रदर्शन का आयोजन किया गया। विरोध के बाद प्रदर्शनकारियों ने संबंधित अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर इसे वापस लेने की मांग की गई।
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शिब्ली नेशनल कालेज के छात्रों ने छात्रसंघ अध्यक्ष अर्ब्दुरहमान के नेतृत्व में कालेज के गेट पर प्रदर्शन किया। कहा कि देश में सभी जाति और धर्म के लोग गंगा जमुनी तहजीब के साथ रहते हैं। ये देश के लोकतंत्र की मूल अवधारणा है। केंद्र सरकार की ओर से नागरिकता संशोधन विधेयक पेश कर हिंदू-मुस्लिम के बीच खाई पैदा करने की कोशिश की जा रही है। देश की एकता और अखंडता के लिए इस बिल को निरस्त करने की मांग की। इस मौके पर सेराज, एहतेशाम हैदर, मिर्जा शाने आलम बेग, हासिम मोइन खान, शारिक खान, कमर कलाम, अलीम, बेलाल थे। वहीं, फूलपुर क्षेत्र के लाहीडीह बाजार में बाद जुमा बेदार फाउंडेशन की ओर से जुलूस निकालकर प्रदर्शन किया गया। मांग की गई कि बिल वापस लिया जाए। जुलूस लाहीडीह बाजार से पाकीजा चौक तक लगभग दो किलोमीटर तक गया। नदीम अंसारी ने कहा कि संविधान एवं लोकतंत्र रक्षा के लिए सभी हिंदुस्तानियों को मजबूती से पेश आना चाहिए और यही हकीकत है। ये धार्मिक रूप से देश को बांटने का काम करेगी। फरहान, सऊद, ताविश, अदनान आदि थे। उधर, नगर पंचायत माहुल में एआईएमआईएम के प्रदेश अध्यक्ष शौकत अली के नेतृत्व में शांति मार्च निकाला गया। यह शांति मार्च नगर के खान चौक से निकलकर पवई रोड स्थित आंबेडकर मूर्ति के सामने जा कर समाप्त हुआ। मार्च में शामिल लोग नो एनआरसी के बैनर लेकर बढ़ रहे थे। इस मौके पर कैलाश गौतम, मो. तालिब, मो. अशरफ, अशहद आजमी उपस्थित रहे।

लाही डीह बाजार में नागरिकता संशोधन बिल के विरोध में प्रदर्शन करते मुस्लिम समुदाय के लोग।- फोटो : AZAMGARH

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