जिले में इन दिनों सड़क सुरक्षा पखवाड़ा चल रहा है। यातायात नियमों का पाठ पढ़ाते हुए सड़क हादसों में कमी लाने के प्रयास चल रहे हैं। इन तमाम प्रयासों पर सवारी वाहन चालक पलीता लगाते नजर आ रहे हैं। नियमों को ताक पर रखकर सवारी की जगह सामान की ढुलाई कर रहे हैं। ई-रिक्शा से लेकर ऑटो में लदे सामान इसकी बानगी दे रहे हैं।
इन्हें रोकने-टोकने के अलावा चालान के दायरे में भी नहीं लाया जा रहा है। यही वजह है कि पूरे दिन ये वाहन सड़क पर फर्राटा भरते नजर आते हैं। चौराहों व नाकों पर तैनात पुलिस इन्हें रोकने की जहमत तक नहीं उठा रही है। जबकि शिक्षण संस्थानों से लेकर चालकों के स्टैंडों पर जागरूकता कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। इन पर सख्ती के साथ ही मनमानी पर लगाम कसने की जरूरत है। ऑटो व ई-रिक्शा में अधिकतम चार सवारियां बैठाने तक की छूट होती है, लेकिन ऑटो व ई-रिक्शा चालक यहां मुनाफे के चक्कर में दो गुनी सवारियां बैठा रहे हैं। सड़क सुरक्षा पखवाड़े के तहत हो रहे प्रयासों में इन्हें रोकने की जद्दोजहद की जाती, तो शायद खतरा कम होता। यातायात पुलिस अधीक्षक संजय कुमार ने बताया कि सड़क सुरक्षा पखवाड़ा चल रहा है। इसमें वाहन चालकों को जागरूक करने के साथ ही सख्ती भी बरती जा रही है। चौराहों व नाकों पर यातायात पुलिस कर्मियों को सवारी वाहनों पर निगाह रखने के लिए कहा गया है। किसी भी तरह से ऑटो व ई-रिक्शा वाहन चालकों को मनमानी नहीं करने दी जाएगी।