आजमगढ़। एक नए तरह के टीकाकरण की शुरूआत नए साल में होने जा रही है। कोरोना से बचाव का यह नया टीका पूरी तरह से सूई रहित व पेनलेस है। पहले चरण में जिले में 33500 लोगों को यह नया टीका लगाया जाएगा। जिसकी तैयारी में स्वास्थ्य महकमा जुटा हुआ है। 20 एएनएम व स्टाफनर्सों को इस नई तकनीक के टीकाकरण की ट्रेनिंग पूरी करा दी गई है। अब टीका के जिला में पहुंचने का इंतजार हो रहा है।
कोरोना संक्रमण से बचाव को लेकर देश में फिलहाल कोवैक्सिन व कोविशिल्ड वैक्सीन लगायी जा रही है। इस वैक्सीन को सिरिंज के माध्यम से लोगों को लगाया जाता है। जिससे लोगों को हलका-पुलका र्दद भी होता है। लेकिन अब एक नई वैक्सीन भी आ गई है, जो पूरी तरह से सूई व दर्द रहित है। जायडस केडिला कंपनी ने इसे पूरी तरह से स्वदेशी तकनीक से विकसित किया है। जिसे जॉयकोव-डी नाम दिया गया है। यह इंजेक्शन एक स्पेशल मशीन के द्वारा लगाया जायेगा। जिसके लिए 20 एएनएम व स्टाफ नर्स को ट्रेनिग भी पूरी करा दी गई है। जिले में 33500 लोगों को यह टीका लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। नए साल में जनपद वासियों के लिए यह सौगात होगी। पुराने साल के अंत तक यह टीका जिले में पहुंच जाएगा।
टीके की शुरूआत प्रथम चरण में मात्र चार स्थानों पर होगी। जिसमें नगर क्षेत्र के अलावा, रानी की सराय, बिलरियागंज व निजामाबाद शामिल है। इन्हीं चार बूथों के माध्यम से प्रथम चरण के लिए आने वाले 33500 वैक्सीन को लगाया जाएगा। पेनलेस टीका उन्हें लगाया जाएगा, जिन्होंने अब तक कोरोन से बचाव का कोई भी टीका नहीं लगवाया होगा। इस टीके का तीन खुराक एक-एक माह के अंतर पर लगाया जायेगा। इसके साथ ही हर बार दोनों बांह में यह लगेगा। जनवरी माह की शुरू में इस नए प्रकार के वैक्सीन से टीकाकरण की शुरूआत जिले में होगी।
जॉयकोव-डी वैक्सीन पूरी तरह से सिजिंज विहिन व पेनलेस है। 33500 डोज जिले को अलाट हुआ है। जो इस माह के अंत तक जिले में पहुंच जाएगा। नए साल में इस नए वैक्सीन के माध्यम से भी टीकाकरण की शुरूआत करा दी जाएगी। इसके लिए 20 एएनएम व स्टाफ नर्स की ट्रेनिंग पूरी करा दी गई है।
डॉ. संजय, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी