आजमगढ़। इस बार किसान अच्छी पैदावार की उम्मीद लगाए बैठे हैं। बहुत से किसानों के धान की फसल में बालियां फूट गई हैं वहीं बहुत से किसानों की बालियां फूटने की कगार पर हैं। इन सबके बीच झुलसा रोग ने भी अपने पांव पसारने शुरू कर दिए है। जिनसे फसल केे बचाने के लिए किसान दवा खरीद कर छिड़काव कर रहे हैं। लेकिन कई जगहों पर दवा भी काम नहीं कर रही है।
धान की फसल से उसकी भरपाई की आस लगाए किसान अपने खेतों में फूट रही धान की बालियों को देखकर काफी प्रसन्न हैं। जिन किसानों की धान की अर्ली बैरायटी को खेतों में लगाया था उनकी बालियां फूट गई हैं लेकिन जिन किसानों ने लेट वैरायटी के धान खेतों में लगाए हैं वह भी तक उसी तरह से पड़े हैं। इन सबके बीच झुलसा रोग ने भी अपने पांव पसारना शुरू कर दिया है। सबसे ज्यादा इस रोग का प्रकोप सगड़ी तहसील क्षेत्र में देखने को मिल रहा है। किसान बाजार से दवा लाकर फसल में इसका छिड़काव कर रहे हैं लेकिन उसका असर नहीं हो रहा है। जिसे देख किसानों की चिंता बढ़ गई है। इस रोग में पहले पत्तियां पीली पड़ती है फिर ऊपर से सूखने लगती है। पहले यह कुछ पौधों में होता है फिर पूरे खेत की फसल झुलसने का रूप धारण कर लेती है। जिससे फसल की पैदावार पर प्रभाव पड़ता है। इसका समय से उपचार जरूरी होता है।
रोग से इस प्रकार बचाएं फसल
आजमगढ़। जिला भूमि संरक्षण अधिकारी संगम सिंह मौर्य ने बताया कि अगर किसी किसान के खेत में झुलसा रोग का प्रकोप दिखता है तो वह कारबेंडा जिम और मैंको जेब की एक किग्रा मात्रा लेकर उसे 600 लीटर पानी में मिलकार पूरे खेत में छिड़काव करे। अगर खेत में पानी लगा है तो उसे बदल दे।