शाहमर्दानपुर गांव में पानी में डूबी धान की फसल को काटते किसान। संवाद
पिछले दिनों आई तेज आंधी और बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। क्षेत्र के कई गांवों में पककर तैयार हो रही धान की फसल तेज हवा और बारिश के कारण खेतों में गिर गई। खेतों में पानी भर जाने से गिरी फसल लंबे समय से पानी और नमी में पड़ी है।
इससे धान की बालियां सड़ने लगी हैं और किसानों को उत्पादन प्रभावित होने की आशंका सताने लगी है। शाहमर्दानपुर गांव निवासी किसान हरिप्रसाद चौरसिया ने बताया कि धान की खेती में बीज, खाद, सिंचाई और मजदूरी पर काफी खर्च होता है।
पूरे साल की मेहनत के बाद फसल तैयार हुई थी, लेकिन कटाई से पहले ही मौसम ने नुकसान पहुंचा दिया। प्रतापपुर गांव निवासी अंकित सिंह ने बताया कि खेत से पानी नहीं निकलने पर गिरी हुई फसल के सड़ने का खतरा बढ़ रहा है। किसान रविंद्र, आनंद, बृजेश, गुलाब आदि ने प्रशासन से फसलों के नुकसान का सर्वे कराकर उचित मुआवजा दिलाने की मांग की है।