आजमगढ़। शहर के शत प्रतिशत घरों में नल से जल पहुंचाने के लिए नगर पालिका ने जल निगम को नलकूपों व ओवरहेड टैंक के लिए जो जमीन चिन्हित कर सूची उपलब्ध कराई थी, उसमें से अधिकांश जमीन विवादित या किसी दूसरे की निकल गई। जमीन न मिलने के कारण योजना का फाइनल डीपीआर तैयार नहीं हो पा रहा है। टीम ने जब क्षेत्रीय लेखपाल के साथ जमीन का सत्यापन किया तो 18 में से केवल चार नलकूपों के लिए जमीन सही मिली जबकि अन्य जमीन विवादित या किसी दूसरे की निकली।
75 करोड़ के सीटी वाटर एक्शन प्लान (सीडब्ल्यूएपी) की शासन से पहले ही स्वीकृति मिल चुकी है। इसके तहत नगर पालिका के अंतर्गत आने वाले शत प्रतिशत घरों में नल से जल पहुंचाना है। जिन जगहों पर पाइप लाइन डालने की आवश्यकता होगी, वहां पाइप लाइन भी डाली जाएगी। शत प्रतिशत घरों तक पानी पहुंचाने के लिए नगर पालिका क्षेत्र में विभिन्न स्थानों पर 18 नलकूपों और एक ओवरहेड टैंक की स्थापना की जानी है। ओएचटी और नलकूपों की स्थापना के लिए जल निगम ने नगर पालिका से सरकारी जमीन की मांग की थी। इसके बाद नगर पालिका प्रशासन ने शहर में ओएचटी और नलकूपों के लिए जमीन चिन्हित किया। पुरानी जेल के सामने ओवरहेड टैंक के लिए चिन्हित जमीन भी जेल की निकल गई। जमीन न मिलने से योजना का फाइनल डीपीआर तैयार नहीं हो पा रहा है। जल निगम ने फिर नगर पालिका को पत्र लिखकर ओवरहेड टैंक और नलकूपों के लिए जमीन की मांग किया है।