मुहल्ला सीताराम स्थित मिर्जा मुगलबेग इमामबाड़ा, जामिया इमाम मेहंदी मदरसे से आठवीं मोहर्रम का जुलूस गुरुवार को निकाला गया।
मुतवल्ली मिर्जा जफर बेग की अगुवाई में निकले दुलदुल और अलम के जुलूस में रास्ते भर या हुसैन, या अब्बास की दर्दभरी सदाएं गूंजती रही।
इस दौरान अंजुमनों ने नौहा मातम करते हुए कर्बला के शहीदों को खिराजे अकीदत पेश की। जबकि मजलिस में उलेमा ने करबला के मंजर बयान किए।
जुलूस से पूर्व इमामबाड़े में मौलाना गुलाम हैदर ने मजलिस को खिताब किया। इमामबाड़े से दुलदुल और अलम का निकला जुलूस पुरानी कोतवाली से चौक पहुंचा।
जहां मौलाना तहजीबुल हसन ने मजलिस को खिताब करते हुए कहा कि इमाम हुसैन ने कर्बला में अपनी कुर्बानी देकर इंसानियत को बचाया और मुल्क में अमन का पैगाम दिया।
जुलूस चौक से सब्जी मंडी पहुंचा, जहां से अलम भी यहां शामिल हुआ। इसके बाद जुलूस कटरा मुहल्ला स्थित अजाखाना-ए-अबू तालिब पहुंचा, यहां पर नौहा ख्वानी होने के बाद अलम शामिल किया गया।
जुलूस कर्बला से पांडेय बाजार, पुरानी कोतवाली, तकिया मुसाफिरखाना होते कोट- किला से वापस दलालघाट, कल्लू के मैदान से इमामबाड़ा मुगलबेग आकर समाप्त हुआ।
जुलूस में अंजुमन अब्बासिया नेवादा मुबारकपुर, अंजुमन सैदपुर शाहगंज, अंजुमन दस्ते इमाम मेंहदी, अंजुमन अंसारे हुसैन आजमगढ़ ने नौहा मातम किया। जुलूस का संचालन शिया कमेटी के चेयरमैन अजादार हुसैन ने किया।