वर्कशॉॅप में बनने के लिए रखे गए ट्रांसफार्मर। संवाद
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आजमगढ़। गर्मी के मौसम में ओवरलोड से ट्रांसफार्मरों के जलने की घटनाएं बढ़ जाती हैं। इसे देखते हुए निगम पहले से तैयारी में जुट गया है। दो महीने के लिए एडवांस में विभिन्न क्षमता के एक हजार ट्रांसफाॅर्मर तैयार कर लिए गए हैं। अगले महीने से वर्कशॉप में दो शिफ्टों में खराब पड़े ट्रांसफाॅर्मर को ठीक करने का काम शुरू होगा।जिले के छह वितरण खंडों में 6.90 लाख उपभोक्ता हैं। इन उपभोक्ताओं तक बिजली पहुंचाने के लिए विभिन्न क्षमता के करीब 40 हजार ट्रांसफाॅर्मर लगे हुए हैं। गर्मी के दिनों में खास कर अप्रैल से बिजली की मांग बढ़ने लगती है। इसका असर ट्रांसफाॅर्मरों पर पड़ता है। ओवरलोड से ट्रांसफाॅर्मरों के जलने की घटनाएं बढ़ जाती हैं। पिछले वर्ष ही देखा जाय तो गर्मी के दिनों में प्रतिदिन औसतन 50 से 60 ट्रांसफार्मरों के जलने की शिकायतें वर्कशॉप में आ रही थीं। इसमें 25 केवीए के ट्रांसफार्मॅर सबसे ज्यादा जले रहे थे। इसे देखते हुए निगम के अधिकारी इस बार पहले से ही तैयारी में जुट गए हैं। विभिन्न क्षमता के एक हजार ट्रांसफाॅर्मर तैयार किए जा चुके हैं। इससे 25 केवीए के 272, 63 केवीए के 100 और 10 केवीए के 250 ट्रांसफार्मर शामिल हैं। खराब पड़े ट्रांसफार्मरों को बनाने के लिए निगम के वर्कशॉप में अगले माह से दो शिफ्टों में काम शुरू होगा।
रोज जल रहे औसतन पांच ट्रांसफाॅर्मर-वर्कशॉप के अधिशासी अभियंता आशीष कुमार ने बताया कि इस समय ट्रांसफाॅर्मरों के जलने की घटनाएं कम आ रही हैं। महीने में औसतन लगभग 150 ट्रांसफार्मर जल रहे हैं। अप्रैल से जब बिजली की मांग बढ़ने लगेगी तो ट्रांसफाॅर्मरों के जलने की घटनाएं भी धीरे- धीरे बढ़ने लगेंगी।
गर्मी में अधिक ट्रांसफाॅर्मर डैमेज होते हैंं। इसे देखते हुए पहले ही दो महीने के लिए एक हजार एडवांस ट्रांसफॉर्मर वर्कशॉप में तैयार करके रख लिया गया है। अगले माह से अधिक ट्रांसफार्मर तैयार करने के लिए दो शिफ्टों में काम होगा।- आशीष कुुमार, एक्सईएन वर्कशॉॅप।