आजमगढ़। जिला प्रोवेशन कार्यालय के अंतर्गत संचालित होने वाले वन स्टॉप सेंटर ने शुक्रवार को एक नाबालिक लड़की की शादी रूकवाने में सफल रही। टीम लड़की व उसके माता-पिता को साथ लेते आयी है और काउंसिलिंग कर इस बात के लिए तैयार कर लिया है कि लड़की 18 साल की होने पर ही उसकी शादी होगी।
तरवां थाना क्षेत्र के उचहुआं भाटा निवासी एक व्यक्ति ने अपनी पुत्री की शादी बिहार प्रांत के भभुआ जिला में तय किया था। शुक्रवार को बारात आनी थी। इसके पूर्व ही किसी ने लड़की के नाबालिग होने की सूचना जिला प्रोवेशन अधिकारी को दे दिया। इस पर जिला प्रोबेशन अधिकारी ने वन स्टॉप सेंटर को इसकी जानकारी देते हुए शादी रूकवाने का निर्देश दिया। जिस पर वन स्टॉप सेंटर, बाल कल्याण समिति व तरवां थाने की संयुक्त टीम शुक्रवार को लड़की के घर पहुंच गई और लड़की के बालिग अथवा नाबालिग होने के प्रमाण परिजनों से लिए। परिजनों ने जो प्रमाण उपलब्ध कराया उसके आधार पर लड़की की उम्र मात्र मात्र 15 साल निकली। जिस पर टीम लड़की व उसके माता-पिता को लेकर बाल कल्याण समिति कार्यालय आ गई। जहां लड़की के साथ ही उसके परिजनों की भी काउंसिलिंग की गई। जिसमें माता पिता ने नाबालिक की शादी करने पर सजा के प्रावधान आदि की जानकारी होने से इंकार किया। कार्रवाई वन स्टॉप टीम में प्रबंधक सरिता पाल के अलावा रंजना मिश्रा व शिवाली त्रिपाठी शामिल रही।