आजमगढ़। मंडलायुक्त विवेक ने मंगलवार को मंडलायुक्त सभागार में मंडल में एक करोड़ रुपये से अधिक लागत की निर्माणाधीन परियोजनाओं, कर-करेत्तर राजस्व वसूली, अन्य राजस्व कार्यों एवं नगरीय निकायों में संचालित कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा की। समीक्षा में कई कार्यों की प्रगति संतोषजनक न मिलने पर एक अधिशासी अभियंता जल निगम नगर का वेतन रोका। साथ ही स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने का निर्देश दिए।
सीएमआईएस डैशबोर्ड पर प्रदर्शित प्रगति के आधार पर समीक्षा के दौरान जल निगम द्वारा लक्ष्य के अनुरूप कार्य न पूर्ण करने पर अधीक्षण अभियंता को शत-प्रतिशत प्रगति सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। यूपीपीसीएल के परियोजना प्रबंधक को भी निरंतर निरीक्षण कर गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निर्माण कार्य पूर्ण कराने के निर्देश दिए।
लोक निर्माण विभाग एवं सिंचाई विभाग की परियोजनाओं में धनराशि भुगतान एवं भौतिक प्रगति में विसंगतियां पाने पर जांच एवं स्पष्टीकरण देने के निर्देश दिए। इसी क्रम में मंडलायुक्त ने तीनों जनपदों के जिलाधिकारियों को राजस्व न्यायालयों में लंबित वादों का न्यायालयवार निस्तारण सुनिश्चित करने तथा तीन एवं पांच वर्ष से अधिक लंबित वादों को प्राथमिकता से निस्तारित कराने के निर्देश दिए।
अमृत-2.0 योजना में आजमगढ़ की प्रगति कम मिलने पर अधिशासी अभियंता, जल निगम (नगरीय) का वेतन रोकते हुए स्पष्टीकरण मांगा। मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना के लंबित मामलों को तत्काल निस्तारित कराने के निर्देश दिए। स्थानीय निकायों की व्यवस्थाओं की समीक्षा में सार्वजनिक एवं सामुदायिक शौचालयों, प्याऊ एवं सफाई व्यवस्था में लापरवाही पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने सभी निकाय अधिकारियों को स्वयं निरीक्षण कर व्यवस्थाएं सुधारने, मलिन बस्तियों में मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने, रैन बसेरों, अलाव एवं कंबल वितरण की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। लापरवाही कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी।