Azamgarh News: शासन के दिशा-निर्देशों के अनुरूप सारी व्यवस्था दुरूस्त रखी गई है। बेहतर इलाज की व्यवस्था की गई है। अप्रैल माह से ही विभाग लोगों को भीषण गर्मी के प्रति जागरूक कर रहा है। जब तक तापमान कम नहीं होता तब तक दिन में 12 से चार बजे के बीच किसी को भी घर से बाहर धूप में निकलने से बचने का अनुरोध किया गया है।
जिले में अब तक चार की संदिग्ध मौत हुई है, जिसमें एक की मौत लू से होने की पुष्टि भी हो चुकी है। शेष की रिपोर्ट का अभी इंतजार किया जा रहा है। उक्त बातें मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. आईएन तिवारी ने शनिवार को मीडिया से रूबरू होते हुए कही।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि सभी अस्पतालों में गर्मी व लू से परेशान मरीजों के लिए चाक-चौबंद व्यवस्था रखी गई है। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए स्वास्थ्य महकमा पूरी तरह से तैयार है। जिले में अकाल अर्थात संदिग्ध मौत की बात की जाए तो बीते तीन दिनों में ऐसी डेढ़ दर्जन भर मौत हुई है। लेकिन स्वास्थ्य विभाग ने जिले में अब तक मात्र एक की मौत लूट से होना स्वीकार किया है।
विज्ञापन
शनिवार को भीषण गर्मी से हुई मौत
बचाव के उपाय व व्यवस्थाओं को लेकर सीएमओ डॉ. आईएन तिवारी मीडिया से रूबरू हुए। उन्होंने बताया कि अब तक चार लोगों की लू व गर्मी से मौत होने की बात सामने आ रही है। जिसमें एक की पुष्टि हो चुकी है। शेष तीन मरीजों की मौत के कारणों की जांच-पड़ताल जारी है। बीते तीन दिनों में यह संख्या सामने आई है।
उन्होंने बताया कि 28 मई से 30 मई के बीच जिला अस्पताल में 51 तो 100 शैय्या अस्पतालों में 13 गर्मी से लूट से पीड़ित मरीजों को भर्ती कर इलाज किया गया, जिसमें ज्यादातर ठीक होकर घर भी जा चुके हैं। जिला अस्पताल में आने वाले मरीजों की बात की जाए तो प्रतिदिन जिला अस्पताल की ओपीडी में 100 के लगभग मरीज पहुंच रहे हैं।