आजमगढ़। जिले में डेंगू ने दस्तक दे दी है। एक डेंगू पीड़ित की शुक्रवार की सुबह वाराणसी में इलाज के दौरान मौत हो गई। वहीं अन्य छह इसकी चपेट में हैं। एक डेंगू पीड़ित के मौत की सूचना से ही स्वास्थ्य विभाग के कान खड़े हो गए हैं। हालांकि देर शाम तक स्वास्थ्य महकमा किसी भी डेंगू पीड़ित के मौत की सूचना से इंकार करता रहा।
बिलरियागंज थाना क्षेत्र के जलालपुर गांव निवासी 45 वर्षीय राजबहादुर मौर्य लगभग दो सप्ताह से अधिक समय से बीमार चल रहा था। शुरूआत में स्थानीय स्तर पर इलाज चल रहा था। आराम न होने पर परिजनों ने उसे जिला मुख्यालय स्थित प्राइवेट अस्पताल पर भर्ती कराया। यहां जांच में प्लेटलेट काफी कम मिलने पर डॉक्टर ने उसे हॉयर सेंटर के लिए रेफर कर दिया। परिजन उसे वाराणसी लेकर चले गए जहां इलाज के दौरान शुक्रवार की सुबह उसकी मौत हो गई। मृतक पूर्व माध्यमिक विद्यालय में चपरासी था। उसके दो पुत्र व तीन पुत्रियां हैं। पत्नी ने बताया कि प्लेटलेट्स 17 हजार से भी कम हो गया था। राजबहादुर के अलावा जिले में अब तक छह डेंगू के मरीज चिह्नित किए गए हैं। मंडलीय अस्पताल में ही 10 दिनों के अंदर हुई जांच में तीन डेंगू मरीजों को चिह्नित किया गया। इसमें एक मरीज तो अस्पताल कर्मी का ही पुत्र है। उसकी इलाज लखनऊ में चल रहा है। एसआईसी डॉ. एसकेजी सिंह ने बताया कि तीन मरीजों में डेंगू के लक्षण पाए गए हैं। सभी अस्पताल से जा चुके हैं। हॉयर सेंटरों पर वे इलाज करा रहे हैं। वहीं सीएमओ डॉ. एके मिश्रा ने बताया कि जिले में अब तक डेंगू पॉजीटिव सात मरीज मिले हैं। इसमें तीन की पहचान जिले में ही हुई है अन्य की रिपोर्ट लखनऊ, वाराणसी आदि हॉयर सेंटरों से आई है। कहा कि डेंगू की जिले में दस्तक जरूर है लेकिन अभी स्थिति दहशत वाली नहीं है। स्वास्थ्य महकमा संभावित डेंगू पीड़ितों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने में सक्षम है। पर्याप्त मात्रा में प्लेटलेट आदि की व्यवस्था कर ली गई है। डेंगू से मौत की अभी कोई सूचना नहीं है।