अतरौलिया क्षेत्र में एक व्यक्ति के घर लोगों से वार्ता करते ओम प्रकाश राजभर। संवाद
उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने शुक्रवार को अतरौलिया विधानसभा क्षेत्र का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने समाजवादी पार्टी (सपा) और उसके राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर निशाना साधा। साथ ही प्रदेश की कानून-व्यवस्था को लेकर योगी सरकार की सराहना की। राजभर ने कहा कि सपा शासन की तुलना में योगी सरकार की कानून-व्यवस्था लाख गुना बेहतर है। दावा किया कि वर्तमान सरकार में अपराध होने के 48 घंटे के भीतर अपराधी या तो जेल में होता है या ऊपर पहुंच जाता है। उन्होंने सपा पर पिछड़ी जातियों के अधिकारों की अनदेखी का आरोप लगाया। कहा कि अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री रहते या सत्ता से बाहर रहने के दौरान नाई, प्रजापति, विश्वकर्मा, लोहार, राजभर, चौहान, निषाद, बिंद और मल्लाह जैसी जातियों को 27 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण में उनका वाजिब हक दिलाने के लिए कोई ठोस पहल नहीं की।
पीडीए के नारे पर साधा निशाना
सुभासपा अध्यक्ष ने समाजवादी पार्टी के पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक (पीडीए) के नारे को राजनीतिक भ्रम पैदा करने वाला बताया। उन्होंने कहा कि ओबीसी आरक्षण के वर्गीकरण और रोहिणी आयोग की रिपोर्ट लागू कराने जैसे मुद्दों पर सपा आज भी मौन है। राजभर ने दावा किया कि 2017 और 2022 की तरह सपा 2027 के विधानसभा चुनाव में भी हार का सामना करेगी। उन्होंने कहा कि पार्टी के कुछ सलाहकार उसे सही दिशा देने के बजाय भटका रहे हैं।
अधिकारियों को दी चेतावनी
कैबिनेट मंत्री ने अपने विभाग के कामकाज को लेकर अधिकारियों को भी चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि प्रमुख सचिव या निदेशक स्तर के अधिकारी सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही या हीलाहवाली करते हैं तो इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। राजभर ने बताया कि लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से लिखित शिकायत की गई है, ताकि योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ पात्र लोगों तक पहुंचे और जनता को परेशानी न हो।
मायावती पर भी की टिप्पणी
बसपा प्रमुख मायावती की राजनीतिक सक्रियता पर पूछे गए सवाल पर राजभर ने कहा कि शेर जब खामोश होता है तो वह शिकार की तैयारी में होता है। उन्होंने कहा कि बसपा के पास अपना मजबूत कैडर वोट बैंक है। चुनाव में उसे कम आंकना किसी भी दल के लिए बड़ी भूल साबित हो सकती है।