उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि विधानसभा में विपक्षी दल की एक महिला विधायक ने मुख्यमंत्री को अपराध मुक्त प्रदेश बनाने के लिए धन्यवाद दिया था, जबकि उसी विधायक के पति की अपराधियों ने बेरहमी से हत्या कर दी थी। इसके बावजूद उस विधायक को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया।
उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष अपराधियों का संरक्षण करने का काम करता है। उन्होंने 2012 से 2017 तक के कार्यकाल को दंगों का दौर बताते हुए कहा कि अब प्रदेश में कानून-व्यवस्था मजबूत है। उन्होंने कहा, जिस दिन अधिकारियों को पता चलेगा कि आप ओपी राजभर के साथ हैं, तो उनका पसीना छूट जाएगा। आप बस मोबाइल से हमें अपना दर्द बताइए, अधिकारी कुर्सी पर नहीं टिक पाएंगे।
कार्यक्रम के बीच ओपी राजभर शायराना अंदाज में भी नजर आए। इस मौके पर राष्ट्रीय महासचिव राजकुमार गुप्ता, हरिबदन प्रजापति, कुलदीप राजभर, रमाशंकर राजभर, महिला मोर्चा की राष्ट्रीय अध्यक्ष राधिका पटेल सहित कार्यकर्ता और ग्रामीण मौजूद रहे।