आजमगढ़। जनपद में कोरोना का संक्रमण तेजी से फैल रहा है। अब कोरोना का खौफ चौतरफा नजर आ रहा है। वहीं कारोबार में काफी गिरावट आई है। जिससे रेल और बसों में यात्रियों की संख्या भी घटने लगी है। दोनों ही विभागों को लाखों रुपये राजस्व का रोजाना नुकसान हो रहा है। रोडवेज की प्रतिदिन की आय 45 से 46 लाख थी वहीं अब घटकर 40 लाख तक आ गई है। इसी प्रकार रेलवे में जहां 150 से अधिक वेटिंग की लंबी लिस्ट रहती थी वहीं अब 50-60 वेटिंग दिखा रहा है। ऐसे में साफ है कि दोनों विभागों की आमदनी घट गई है।
कोरोना को लेकर हर व्यक्ति सतर्क और सशंकित है। यथा संभव बचाव और परहेज भी हो रहे हैं। मौजूदा सीजन में ट्रेनें और यात्री बसें खचाखच भरी रहती थीं। लेकिन कोरोना नजारा पलट दिया है। ट्रेनों की स्थिति यह है कि आजमगढ़ से होकर जाने वाली ट्रेनों में जैसे गोदान एक्सप्रेस, कैफियात एक्सप्रेस, सरयु-यमुना एक्सप्रेस व ताप्ती गंगा एक्सप्रेस समेत अन्य ट्रेनों में वेटिंग की लंबी लिस्ट रहती थी। अब उन ट्रेनों में 50 से 60 वेटिंग दिखा रहा है। हालांकि विभाग की माने तो मार्च तक किसी में सीट खाली नहीं है। कैफियात एक्सप्रेस में आरएसी है। वहीं बाकी में वेटिंग लिस्ट है। कमोवेश यही स्थिति रोडवेज की है। एआरएम एसडी राम ने बताया कि ठंड व कोरोना के पूर्व डिपो से रोजाना लगभग 35 से 36 हजार यात्री आते-जाते थे। उनसे 45 से 46 लाख रुपये राजस्व मिलता था। अब 30 हजार से कम यात्री और लगभग 40 लाख रुपये राजस्व आ रहा है। उन्होंने कहा कि यात्रियों की संख्या इसी प्रकार घटती रही तो आने वाले दिनों में डीजल खर्च भी निकालना मुश्किल हो जाएगा। बताया कि बसों को रोजाना सेनेटाइज किया जा रहा है। स्टैंड में कर्मचारियों व यात्रियों को हाथ धोने के लिए सैनिटाइजर रखा गया है। यात्रियों को कोरोना के बचाव के प्रति जागरूक किया जा रहा है।