आजमगढ़। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) के तहत अब भूमि विकास के नाम पर चकमार्ग, गूल और खेत सुधार जैसे कार्य नहीं कराए जा सकेंगे। भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय ने इस संबंध में नई गाइडलाइन जारी कर दी है, जिसके अनुसार उपजाऊ खेतों में किसी भी प्रकार का विकास कार्य प्रतिबंधित कर दिया गया है।
मनरेगा के अंतर्गत जॉब कार्डधारकों को रोजगार मुहैया कराने के साथ गांवों में विकास कार्यों को प्राथमिकता दी जाती रही है। अभी तक भूमि विकास श्रेणी में चकमार्ग निर्माण, खेत सुधार, गूलों की सफाई और निर्माण आदि कार्यों को शामिल कर लिया जाता था। इससे उपजाऊ खेतों में भी काम कराए जा रहे थे, लेकिन अब इन पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है। नई व्यवस्था के तहत केवल ऊसर और बंजर भूमि को ही भूमि विकास की श्रेणी में रखा जाएगा और सिर्फ उन्हीं क्षेत्रों में सुधार कार्यों की अनुमति होगी। डीसी मनरेगा राम उद्रेज ने बताया कि इस संबंध में अभी हमारे पास कोई गाइडलाइन नहीं आई है। शासन का जो आदेश होगा उसका पालन किया जाएगा।