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अब सीधे घर नहीं...दो दिन रहना पड़ेगा शेल्टर होम में

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रेलवे स्टेशन पर ट्रेन से उतरते पंजाब से आए यात्री। - फोटो : AZAMGARH
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आजमगढ़। शासन की ओर से बाहर से आ रहे प्रवासी श्रमिकों को सीधे होम क्वारंटीन किया जा रहा था। इससे बाहरी प्रदेशों से आ रहे लोगों से कोरोना संक्रमण बढ़ने का खतरा था। अमर उजाला ने रविवार के अंक में इस मुद्दे को प्रमुखता के साथ प्रकाशित किया। रविवार को शासन ने इस गंभीरता को समझते हुए आदेश कर दिया कि बाहर से आने वाले श्रमिकों को पहले दो दिन शेल्टर होम में रखा जाएगा। दो दिन तक लक्षण की निगरानी के बाद ही उन्हें तीसरे दिन 21 दिन के लिए होम क्वारंटीन किया जाएगा।
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जनपद में अन्य प्रदेशों से काफी संख्या में प्रवासी श्रमिक आ रहे हैं। अब तक कुल पांच ट्रेनों से छह हजार से ज्यादा लोग आ चुके हैं। शासन के निर्देश पर इन श्रमिकों को रेलवे स्टेशन पर जांच के बाद बसों से संबंधित तहसील के शेल्टर होम ले जाया जा रहा था। वहां से राशन का किट देने के बाद उन्हें 21 दिन के लिए होम क्वारंटीन किया जा रहा था। इसके बाद इनकी निगरानी गांवों और मोहल्ले में गठित निगरानी समिति के माध्यम से की जानी थी। ऐसे में बाहर से आने वाले लोगों को सीधे होम क्वारंटीन करने पर कई लोग बाहर निकल कर घूमना शुरू कर दे रहे थे। साथ परिवार के सदस्य बाजार आदि से सामान आदि लाने के लिए भी निकल रहे थे। ऐसे में संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ने की आशंका है। इस मुद्दे को अमर उजाला ने रविवार के अंक में प्रमुखता के साथ उठाया।
डीएम एनपी सिंह ने बताया कि अब शासन की ओर से अब बाहर से आने वाले प्रवासी श्रमिकों को दो दिनों तक शेल्टर होम में रखा जाएगा। यहां उनके अंदर दो दिन तक सर्दी, जुखाम, बुखार, खांसी के लक्षण नहीं आते हैं तो उनको तीसरे दिन उनके घरों में 21 दिन के लिए होम क्वारंटीन के लिए वाहन से भेजा जाएगा। होम क्वारंटीन व्यक्तियों के घरों पर फ्लायर चस्पा करना होगा। क्वारंटीन नोटिस दी जाएगी। राशन किट उपलब्ध कराकर उनका फोटोग्राफ्स लिया जाएगा। इसके बाद इनकी निगरानी कराई जाएगी।
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अपने साधनों से आने वालों को निगरानी समिति खोजेगी
डीएम एनपी सिंह ने बताया कि जो प्रवासी संसाधन, ट्रक, साइकिल आदि से सीधे घर जा रहे हैं, ऐसे लोगों की तलाश निगरानी समिति करेगी। एसडीएम, एमओआईसी को सूचना देगी। ये लोग संबंधित की जांच कर दो दिन तक शेल्टर होम में रखेंगे या लक्षण मिलने पर इंस्टीट्यूशन क्वारंटीन कर सैंपल जांच के लिए भेजेंगे।
बैठक लेकर अधिकारियों को दी नियमों की जानकारी
आजमगढ़। डीएम नागेंद्र प्रसाद सिंह और प्रबंध निदेशक यूपी स्टेट कंस्ट्रक्शन एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कारपोरेशन लिमिटेड शिवप्रसाद की अध्यक्षता में बैठक हुई। एसडीएम और तहसीलदारों को निर्देशित किया कि प्रवासी श्रमिकों को तत्काल राशन किट उपलब्ध कराएं। घरों पर आशा के माध्यम से फ्लायर चस्पा कराएं। जो प्रवासी मजदूर होम क्वारंटीन किए गए हैं उन्हें यदि राशन किट नहीं मिला है तो उनको तत्काल उपलब्ध कराएं। एसीएमओ डॉ. एके सिंह, डॉ. संजय, डॉ. परवेज अख्तर, डॉ. वाईके राय को निर्देश दिए कि घरों पर शत-प्रतिशत फ्लायर चस्पा कराएं। एसडीएम को निर्देश दिए कि शेल्टर होम में 400 से 500 प्रवासी मजदूरों के रुकने की व्यवस्था करें। हर तहसील में फैसिलिटी क्वारंटीन सेंटर सक्रिय रखें। कम्यूनिटी किचन को सक्रिय रखें। शेल्टर होम में रजिस्टर बनाया जाए जिसमें प्रवासी मजदूरों के नाम पता तहसीलवार, उनके संबंधित लेखपाल आशा कौन-कौन है व उनकी स्किल क्या है उसको भी दर्ज किया जाए। प्रत्येक तहसील में एक सेल का गठन किया जाए। यह सेल होम क्वारंटीन हुए व्यक्तियों की पूछताछ करेगी। सीआरओ अधिकारी हरिशंकर, एडीएम प्रशासन नरेंद्र सिंह, एडीएम वित्त एवं राजस्व गुरु प्रसाद थे।

रेलवे स्टेशन पर ट्रेन से उतरते पंजाब से आए यात्री।- फोटो : AZAMGARH

रेलवे स्टेशन पर पंजाब से आए यात्रियों की स्क्रीनिंग करते चिकित्सक।- फोटो : AZAMGARH

रेलवे स्टेशन पर पंजाब से आए यात्रियों की स्क्रीनिंग करते चिकित्सक।- फोटो : AZAMGARH

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