आजमगढ़ के रानी की सराय में कोरोना महामारी से बचाव को लेकर केंद्र सरकार का पूरा जोर टीकाकरण पर है। अब 18 प्लस के टीकाकरण की कवायद भी शुरू हो गई है। यह अलग बात है कि जिले में अभी इसकी शुरुआत नहीं हुई है। लेकिन इस अभियान में गड़बड़ियां सामने आने लगी हैं। दर्जन भर से अधिक लोगों को टीका तो लगा नहीं लेकिन टीका लगाने का ऑनलाइन प्रमाणपत्र जारी हो गया साथ ही दूसरी डोज लगवाने की तिथि भी मोबाइल पर आ गई। इससे हतप्रभ लोगों ने शहर कोतवाली में इसकी शिकायत की है। उधर, स्वास्थ्य विभाग इसे तकनीकी गड़बड़ी बता रहा है।
जिले में इन दिनों पाइप लाइन बिछाने का कार्य चल रहा है। इसका काम कराने वाली कंपनी के 13 लोगों ने 18 प्लस के तहत टीकाकरण कराने के लिए कोविन पोर्टल पर आवेदन किया था। सभी को पीएचसी ठेकमा पर बुलाया गया। सभी बृहस्पतिवार को पीएचसी ठेकमा पर पहुंचे किंतु यहां टीका न होने की बात कह कर सभी को लौटा दिया गया। पीएचसी से लौटते ही सभी के मोबाइल पर मेसेज आ गया कि आप का कोरोना टीकाकरण हो गया है। पहली डोज लग चुकी है। मेसेज में दूसरी डोज की तिथि व समय भी दिया गया था। यहीं नहीं सभी को ऑनलाइन प्रमाणपत्र भी जारी हो गया। बिना टीका लगे ही प्रमाणपत्र पाने से सभी हतप्रभ रह गए। सभी के प्रमाणपत्र पर टीका लगाने वाले का नाम शशिभूषण व टीकाकरण स्थल पीएचसी ठेकमा अंकित है।
बिना टीका इनके नाम जारी हुआ प्रमाणपत्र
आजमगढ़। जिन लोगों को बिना टीकाकरण प्रमाणपत्र जारी हुआ है। उसमें अमर सिंह, हर्षित जायसवाल, आदित्य सिंह, रमेश प्रजापति, चित्रांशु, भरत भूषण श्रीवास्तव, ज्ञानचंद, नवनीत, आदित्य, अभिषेक, प्रतीक, नवलेश, एहफाज अहमद आदि शामिल हैं।
नहीं दर्ज हुआ मुकदमा, कोतवाली से लौटाया
बिना टीका लगाए प्रमाणपत्र पाने वालों ने शहर कोतवाली पर इस बाबत तहरीर दी लेकिन पुलिस ने उन्हें यह कहते हुए वापस कर दिया कि जहां का मामला है वहां के थाने में तहरीर दीजिए। बरदह थाने पर मुकदमा दर्ज होगा।
जिले में अभी 18 प्लस का टीकाकरण नहीं हो रहा है। बिना टीका लगे प्रमाणपत्र जारी होने की जो बात है वह पोर्टल में कुछ गड़बड़ी के चलते है। मामला मेरे संज्ञान में आया है। इसके लिए ऊपर बात की जा रही है। जिले में जब टीकाकरण की शुरुआत होगी तो पंजीकरण कराने वाले सभी लोगों को मेसेज भेज कर टीकाकरण कराया जाएगा। तकनीकी गड़बड़ी के चलते ऐसा हुआ है। -डॉ. एके मिश्रा, सीएमओ, आजमगढ़।