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जिला अस्पताल में जांच किट ही नहीं

Fri, 02 Sep 2016 12:07 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/आजमगढ
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जिला अस्पताल में लगा डेंगू जांच का बोर्ड।
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पूरे देश में डेंगू को लेकर अलर्ट जारी कर दिया गया है। डेंगू से मौतें होने का सिलसिला भी जारी है। इसके बाद भी जिले में स्वास्थ्य विभाग इसके प्रति लापरवाह बना हुआ है। जिला अस्पताल में डेंगू की जांच के लिए किट उपलब्ध नहीं है। 
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जिले में स्वास्थ्य विभाग डेंगू के प्रति लापरवाह बना हुआ है। न तो इसके प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए कोई उपाय किए जा रहे हैं और ना ही कोई व्यवस्था की गई है। जिला अस्पताल स्थित पैथालाजी सेंटर पर डेंगू की जांच का बोर्ड तो लगा है लेकिन अभी तक जिला अस्पताल में इसकी जांच के लिए किट उपलब्ध नहीं है। अगर चिकित्सक किसी मरीज को डेंगू जांच के लिए लिखते हैं तो पैथालाजी में उसके ब्लड को निकालकर वाराणसी भेजा जाता है। जहां से दूसरे दिन रिपोर्ट आने के बाद ही मरीज का उपचार शुरू हो पाता है।

इतना ही नहीं, जिला अस्पताल में डेंगू के मरीजों के लिए अलग से वार्ड भी नहीं बनाया गया है। जबकि डेंगू पीड़ित मरीज को काटने वाला मच्छर अगर किसी दूसरे व्यक्ति को काटता है तो उसे भी डेंगू होता है। जिला अस्पताल में चिकित्सकों द्वारा प्रतिदिन 10 से 15 मरीजों को डेंगू की जांच के लिए लिखा जा रहा है। फिर भी विभाग में कोई गंभीरता नजर नहीं आ रही है। हाल ही में एलवल मुहल्ला निवासी एक युवक जो मुंबई में रहता था। मुंबई में उसे बुखार हुआ। उसने जांच कराई तो उसे डेंगू निकला। वह वहां से घबराकर घर आया। घरवाले उसे उपचार के लिए जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। डाक्टरों ने उसका उपचार करने से इंकार कर दिया। बाद में युवक के पिता ने मुख्य चिकित्साधिकारी से मुलाकात की। उनके हस्तक्षेप के बाद उसे जिला अस्पताल में एडमिट किया गया।
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जिले में डेंगू की जांच के लिए प्रारंभिक किट नहीं है। इसके लिए प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक को लोकल परचेज  करने का निर्देश दिया गया है। लेकिन मेडिकल कालेज चक्रपानपुर में यह किट थोड़ी मात्रा में उपलब्ध है। रही बात वार्ड बनाने की तो जिला अस्पताल में 18 बेड और मेडिकल कालेज में छह बेड का वार्ड बनाया गया है।
- श्रीकांत तिवारी, सीएमओ

झोलाछाप डॉक्टरों से न कराएं इलाज
आजमगढ़। सीएमओ डा. एसके तिवारी ने लोगों से अपील की कि डेंगू का मच्छर दिन में काटता है। इसलिए पूरी बांह के कपड़े पहने एवं खिड़की में जाली लगवाएं। बुखार के रोगी को बिना उपचार के न रहने दें। अप्रशिक्षित डाक्टरों द्वारा उपचार न कराएं। खून की जांच सरकारी अस्पताल में एवं रजिस्टर्ड पैथालाजिस्ट से कराए, बिना चिकित्सक के सलाह के दवा का सेवन न करें।

डेंगू से बचाव के लिए बरते सतर्कता: डीएम 
आजमगढ़ (ब्यूरो)। जिलधिकारी सुहास एलवाई ने गुरुवार को प्रेस विज्ञप्ति में जनपदवासियों से डेंगू से बचाव के लिए सतर्कता बरतने की अपील की है। कहा कि इस समय बरसात का मौसम चल रहा है। डेगू के फैलने की संभावना ज्यादा होती है। डेंगू के लक्षण में सर्दी के साथ अचानक तेज बुखार, आंखों के पीछे तेज दर्द, जी मिचलाना एवं उल्टी आना, सिरदर्द, मांसपेसियों एवं जोड़ों में भयंकर दर्द तथा गंभीर मामलों में नाक, मुुंह, मसूड़ों से खून आना और त्वचा में चकत्ते पड़ जाते हैं।

उन्होंने अपील की कि टूटे बर्तन, टायर एवं टीन के डिब्बे के अंदर पानी एकत्र न होने पाए, घरों के आसपास साफ-सफाई पर ध्यान दें। यदि कही पानी इकट्ठा हो तो उसमें मिट्टी का तेल, जला हुआ मोबिल ऑयल का छिड़काव करें, कूलर के पानी को बराबर बदलते रहें। यदि डेंगू के लक्षण दिखाई पड़े तो नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में उपचार कराएं। बिना चिकित्सक के सलाह के दवा का सेवन न करें।
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डेंगू से बचने के लिए घरों के आसपास पानी एकत्र न होने दें। 
मच्छरदानी का प्रयोग करें, मच्छररोधी क्रीम/अन्य उपायों का उपयोग करें। 
बुखार होने पर एस्प्रिन, आइबु्रफेन, कार्टिसोन एवं एंटीबायोटिक का प्रयोग न करें। 
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