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अल्पसंख्यक पात्र न मिलने से अन्य को नहीं मिल रहा लाभ

Wed, 25 Mar 2015 11:55 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला, आजमगढ़
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जनपद में पान की खेती के लिए सरकार द्वारा जिला उद्यान विभाग को पांच किसानों से इसकी खेती कराने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। शासन की मंशा के अनुरूप विभाग ने चार पात्रों का चयन तो कर लिया लेकिन अल्पसंख्यक पात्र न मिलने से योजना के लाभ से चयनित अभ्यर्थी भी वंचित हो रहे हैं। इसको लेकर विभाग और चयनित पात्र भी परेशान है।
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पान की खेती को प्रोत्साहन देने के लिए सरकार द्वारा इसकी खेती करने वाले किसानों को अनुदान की 50 प्रतिशत राशि अग्रिम देने का प्रावधान किया है। इसके लिए जनपद में पांच किसानों का चयन करने का लक्ष्य जिला उद्यान विभाग को सौंपा।

इन पांच किसानों में एक अल्पसंख्यक वर्ग का किसान होना अनिवार्य किया लेकिन समस्या तो यह है कि जनपद में कोई भी अल्पसंख्यक किसान पान की खेती करने को तैयार नहीं है। वैसे अगर देखा जाए तो जनपद में यह पान की खेती चौरसिया बिरादरी के लोग ही शुरू से करते आ रहे हैं।
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अन्य लोग इसकी खेती में कोई रुचि नहीं दिखाते। वहीं, सरकार का यह फरमान कि निर्धारित लक्ष्य में एक अलपसंख्यक वर्ग के किसान का होना आवश्यक है, जिला उद्यान विभाग के गले की फांस बना हुआ है। सरकार के इस फरमान से जनपद में पान की खेती के लिए निर्धारित लक्ष्य पूरा होता नहीं प्रतीत हो रहा है।

जनपद में पान की खेती के लिए अभी तक अल्पसंख्यक समुदाय के किसी किसान ने आवेदन नहीं किया है। हमने लोगों को समझाने का काफी प्रयास भी किया लेकिन कोई इसके लिए तैयार नहीं हुआ। अभी भी इसके लिए प्रयास किए जा रहे हैं कि अल्पसंख्यक समुदाय का कोई भी व्यक्ति इस योजना के लिए आगे आए। इस योजना के लिए चयनित किसान को 1500 वर्ग मीटर में एक बरेजा बनवाना आवश्यक है। चयनित किसान को निर्धारित लागत का 75680 रुपये (लागत के 50 प्रतिशत) का अग्रिम भुगतान किया जाता है।
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- संदीप कुमार गुप्त, जिला उद्यान अधिकारी

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