योगी सरकार की उत्तर प्रदेश मातृभूमि योजना को आजमगढ़ मंडल में अपेक्षित रफ्तार नहीं मिल रही है। आजमगढ़, बलिया और मऊ की कुल 3396 ग्राम पंचायतों में अब तक सिर्फ बलिया के अभिषेक सिंह ने इस योजना के तहत सार्वजनिक विकास कार्य कराने में रुचि दिखाई है। आजमगढ़ और मऊ जिले से अभी तक कोई भी व्यक्ति आगे नहीं आया है।
मातृभूमि योजना का उद्देश्य गांवों में सार्वजनिक विकास कार्यों में जनभागीदारी बढ़ाने के साथ पूर्वजों के नाम और उनकी स्मृति को संरक्षित करना है। इसके तहत इच्छुक व्यक्ति अपने गांव में सार्वजनिक उपयोग का कार्य कराने के लिए कुल लागत का 60 प्रतिशत अंशदान करता है, जबकि शेष 40 प्रतिशत धनराशि प्रदेश सरकार उपलब्ध कराती है।
इस व्यवस्था के तहत विकास कार्य कराने वाले व्यक्ति के पूर्वजों का नाम भी अंकित किया जा सकता है। बलिया के अभिषेक सिंह ने योजना के तहत 1.20 लाख रुपये का अंशदान दिया है। उनके गांव के प्राथमिक विद्यालय में दो लाख रुपये की लागत से स्मार्ट क्लास का निर्माण कराया जाएगा। इस तरह विद्यालय के विद्यार्थियों को आधुनिक शैक्षणिक सुविधाएं मिलेंगी और उनके पूर्वजों का नाम भी सार्वजनिक कार्य से जुड़ जाएगा।
योजना के जरिए लोग अपने गांव के विद्यालयों, सामुदायिक सुविधाओं और अन्य सार्वजनिक परिसंपत्तियों के विकास में योगदान दे सकते हैं। इसके बावजूद मंडल के दो जिलों में अब तक किसी के आगे नहीं आने से योजना के प्रचार-प्रसार और जनभागीदारी बढ़ाने की जरूरत महसूस हो रही है।
देश-विदेश में रहने वाला दे सकता है दान
उत्तर प्रदेश मातृभूमि योजना के तहत देश या विदेश में रहने वाला कोई भी व्यक्ति यदि अपने गांव में सार्वजनिक विकास कार्य कराना चाहता है, तो वह योजना की कुल लागत का 60 प्रतिशत धनराशि दान कर अपने गांव में कई तरह के जनोपयोगी कार्य करवा सकता है। योजना में धनराशि का शेष 40 प्रतिशत हिस्सा राज्य सरकार वहन करेगी। इसमें दानदाता के पूर्वजों के नाम पर कार्य का नाम रखा जा सकता है।
बलिया के आद गांव में बनेगा स्मार्ट क्लास
उत्तर प्रदेश मातृभूमि योजना में अभी तक बलिया में एक आवेदन आया है। इसमें बलिया जिले के बेरुआरबारी विकास खंड के आदर गांव निवासी अभिषेक सिंह ने अपने गांव के प्राथमिक विद्यालय में स्मार्ट क्लास बनाने का प्रस्ताव दिया है। इसमें अभिषेक सिंह की तरफ से कुल दो लाख के प्रोजेक्ट का 60 प्रतिशत, यानी 1.20 लाख रुपये भी जमा कर दिए गए हैं। वहीं, बाकी के 40 प्रतिशत हिस्से यानी 80 हजार रुपये राज्य सरकार ने भी दे दिए हैं।
वर्जन
उत्तर प्रदेश मातृभूमि योजना में अभी तक केवल बलिया जिले के आदर गांव निवासी अभिषेक सिंह आगे आए हैं। उनके प्रस्ताव पर गांव में स्मार्ट क्लास तैयार की जा रही है। इसके लिए सभी जिलों के डीपीआरओ को निर्देश दिए गए हैं कि वे योजना के बारे में ऐसे लोगों से संपर्क करें, जो गांव में विकास कार्य करा सकें। -अभय कुमार शाही, डीडी पंचायत।