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Azamgarh News: न ही मैंने कहा न उन्होंने कहा, प्यार किसने किया सोचते रह गए

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आजमगढ़। उत्तर प्रदेश साहित्य सभा के तत्वावधान में रविवार को देर शाम कवि गोष्ठी का आयोजन शहर के प्रतिभा निकेतन में किया गया। कवियों ने समसामयिक, सामाजिक, वैचारिक, दार्शनिक व लोक विधाओं से रंगी हुई विविध प्रकार की रचनाओं से लोगों को देर तक बांधे रखा।
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कवि रत्नेश राय ने, ना ही मैंने कहा ना उन्होंने कहा, प्यार किसने किया, सोचते रह गए सुनाकर खूब वाहवाही लूटी। इसके बाद विजयेंद्र करुण ने बंहले से नही ई बंहाई चिरई अकास उड़ी जाई, हेरले से अउरु हेराई चिरई अकास उडी जाई सुनाया। दिनेश श्रीवास्तव दानिश ने मुझे तो अब भी नामालूम क़िस्स ए अस्ल जन्नत का, उसी की ताब कठपुतली बनाता है मुझे अपना सुनाया। शालिनी राय डिंपल ने साथ अब किंचित न होगा, एक नदी दो पाट हैं हम, यह मिलन संभव न होगा, गंग के दो घाट हैं हम सुनाया। इनके अलावा अन्य कवियों ने भी अपनी रचनाओं को सुनाया। संस्था के अध्यक्ष दिनेश श्रीवास्तव दानिश ने कहा कि संस्था निरंतर नई प्रतिभाओं को साहित्य सृजन से जोड़ने और उन्हें आगे बढ़ाने के लिए प्रयत्नशील है। अध्यक्षता पंडित हरिहर पाठक और संचालन गीतकार राकेश कुमार पांडेय सागर ने किया। इस मौके पर डॉ. शशि भूषण प्रशांत, जन्मेजय पाठक, सोहनलाल गुप्ता, शालिनी राय, अनुपम पांडेय आदि मौजूद थे।
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