33 हरिऔध कला केंद्र में महाराणा प्रताप सेना की ओर से आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते वक्ता। स
पल्हनी। भारत के वीर सपूत महाराणा प्रताप की पुण्यतिथि की पूर्व संध्या पर रविवार को महाराणा प्रताप सेना के तत्वावधान में हरिऔध कला केंद्र में राष्ट्रीय सम्मेलन ‘पराक्रम’ का आयोजन किया गया।
सम्मेलन में महाराणा प्रताप के शौर्य, स्वाभिमान और राष्ट्रभक्ति पर विस्तार से चर्चा की गई। इस अवसर पर 351 सेनानियों एवं उनके परिजनों को महाराणा प्रताप का चित्र, स्मृति चिह्न एवं अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया गया। आगंतुकों का स्वागत राजपुरोहित शिवम तिवारी ने हल्दीघाटी की मिट्टी से तिलक लगाकर किया।
मुख्य अतिथि प्रदेश के कारागार मंत्री दारा सिंह चौहान ने कहा कि महाराणा प्रताप का जीवन राष्ट्र के प्रति समर्पण की अनुपम मिसाल है। उनका त्याग, स्वाभिमान और संघर्ष आज भी देशवासियों को प्रेरणा देता है।
उन्होंने हल्दीघाटी युद्ध और चेतक की वीरता का उल्लेख करते हुए कहा कि महाराणा प्रताप के शौर्य से संपूर्ण समाज को सीख लेनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार महाराणा प्रताप ने देश के स्वाभिमान की रक्षा की, आज वही कार्य प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में किया जा रहा है।