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एन-95 नहीं तीन स्तर के कपड़े का मास्क है बेहतर विकल्प

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डा. वेद प्रकाश। - फोटो : AZAMGARH
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आजमगढ़। कोरोना वायरस को लेकर कई भ्रांतियां लोगों को परेशान किए हुए है। इस बीच सर्जिकल मॉस्क को लेकर आये ताजा शोध ने तो लोगों को और डरा सा दिया है। इतना ही नहीं कैसा मॉस्क यूज करें और कोरोना से बचाव को लेकर क्या-करें, क्या न करें को लेकर जन सामान्य में खलबली सी मची हुई है। सरकार के निर्देशों के बीच सोशल मीडिया पर लगातार अच्छी-बुरी, आधी अधूरी जानकारियां लोगों के लिए परेशानी का सबब बन गई है। कौन सा मास्क प्रयोग करें, किस सामान पर कितने दिन कोरोना वायरस जिंदा रहता है, लॉक डॉन के दौरान क्या करें, क्या न करें, क्या खाये क्या खाने से बचे आदि भ्रांतियों पर जिले के प्रमुख डॉक्टरों ने अपने विचार अमर उजाला से साझा किये। जिसमें उन्होंने एन-95 मॉस्क के बजाय तीन लेयर के कपड़े के मास्क के प्रयोग को सबसे ज्यादा सुरक्षित बताया। इसके साथ ही भोजन में विटामिन सी, प्रोटीन व मिनरल का समुचित मात्रा में प्रयोग की सलाह दी है।
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एन-95 मास्क की आम जनता को कोई जरूरत नहीं है, यह मास्क उनके लिए है जो कोरोना पॉजीटिव अथवा संदिग्ध मरीजों का इलाज कर रहे है। आम जनता के लिए सबसे बेहतर तो यह होगा कि थ्री लेयर कपड़े का मास्क प्रयोग करें। एक तो इसे धो कर आसानी से साफ किया जा सके तो वहीं यह सस्ता भी होगा। सर्जिकल मास्क कुछ घंटों के लिए ही होता है। मास्क न मिलने की स्थिति में हम गमछे का भी प्रयोग कर सकते है। कोरोना से बचने के लिए मुख्य रूप से जरूरी होता है नाक व मुंह को ढंके रहना। क्योंकि वायरस इन्हीं दोनों स्थानों से शरीर में प्रवेश करता है। बार-बार हाथ धोने की सलाह इसी लिए दी जा रही है कि हाथ पर यदि वायरस हो तो वह धुल जाये। सोशल डिस्टेंसिंग व लॉक डाउन का अनुपालन कर हम निश्चित तौर पर कोरोना संक्रमण से बच सकते है। वहीं भोजन में ऐसे पदार्थो का प्रयोग करें जो हमारे शरीर के रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाये। इसके प्रोटीन, विटामिन सी व मिनरल समुचित मात्रा में होना जरूरी है। शुगर, हृदय रोगी विशेष सावधानी बरते और अपने रूटीन के दवाओं का नियम से सेवन करें।
-डॉ. विनय यादव
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थ्री लेयर के कपड़े के मॉस्क ज्यादा बेहतर है। सर्किल मास्क एक बार प्रयोग करने के बाद खराब हो जाता है। इसके अलावा अन्य किसी भी तरह के मास्क भी आठ-दस दिन ही हम यूज कर सकते है। एन-95 मॉस्क का भी अधिक से अधिक 15 दिन ही प्रयोग किया जा सकता है लेकिन हर बार इन्हें सेनेटाइज किया जाना जरूरी है। ऐसे में कपड़े का मास्क यदि हम दो-तीन की संख्या में बन ले तो धुल कर उन्हें कई बार प्रयोग कर सकते है। कोराना वायरस नाक व मुंह के माध्यम से हमारे श्वास नली में पहुंच कर नुकसान पहुंचाता है। वो भी तब जब वह श्वास नली में एक जगह पर रह जाये। इससे बचने के लिए हमें गुनगुने पानी को पीना चाहिए, नमक पानी का लगातार गरारा करना हितकर होगा। घर से बाहर निकले तो मास्क का प्रयोग अवश्य करें। घर लौटने पर प्रयास करें कि जो कपड़ा पहन कर गये है, उसे बदल लें। एसी का प्रयोग न करें। ठंडे पदार्थो के सेवन से पूरी तरह से बचे। नीबू, संतरा, ड्राइ फ्रूट के साथ ही हरी व ताजी साग-सब्जी खाये। तैलीय भोजन के प्रयोग से भी बचे। खाने में प्रोटीन का समुचित मात्रा में इस्तेमाल करें।
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डॉ. वेद प्रकाश सिंह

डा. विनय यादव।- फोटो : AZAMGARH

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