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मुख्तार ने की गुहार, कहा शासन-प्रशासन से जान का खतरा

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आजमगढ़। बांदा जेल में बंद मुख्तार अंसारी ने खुद को प्रशासन से खतरा बताया है। उसने शुक्रवार को एमपीएमएलए कोर्ट में पेशी के दौरान सुरक्षा की गुहार लगायी है। शुक्रवार को हत्या व गैंगेस्टर के मामले में आरोप पत्र तय होने की कार्रवाई होनी थी, जिसके लिए मुख्तार वीसी के माध्यम से बांदा जेल से कोर्ट में पेश हुआ था। शुक्रवार को आरोप पत्र तय नहीं हो सका और अगली तारीख 13 जून नियत की गई है।
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तरवां के ऐराकला में सड़क निर्माण ठेके में वर्चस्व को लेकर मुख्तार पक्ष के लोगों ने ठेकेदार पर फायरिंग किया था। जिसमें दो मजदूर गोली लगने से घायल हो गए थे। इसमें एक की इलाज के दौरान मौत हो गई थी। इस मामले में तरवां थाने में मुख्तार व सहयोगियों के खिलाफ गैंगेस्टर में भी मुकदमा दर्ज हुआ था। उक्त मामले की सुनवाई एमपीएमएलए कोर्ट आजमगढ़ में चल रही है। शुक्रवार को मुख्तार व सहयोगियों पर आरोप तय करने को लेकर सुनवाई थी। जिसमें बांदा जेल से वीसी के माध्यम से मुख्तार अंसारी पेश हुआ। कोर्ट में पेशी के दौरान मुख्तार से जज के समक्ष प्रशासन से जान का खतरा होने की बात कही। इतना ही नहीं मुख्तार के वकील लल्लन सिंह ने अदालत में न्यायाधीश ओम प्रकाश वर्मा के समक्ष प्रार्थना पत्र दिया कि मुख्तार अंसारी को आरोप तय करने के दौरान व्यक्तिगत रुप से तलब न किया जाए। वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से ही सुनवाई की जाए। इस प्रार्थना पत्र का शासन की तरफ से विशेष लोक अभियोजक लाल बहादुर सिंह ने आपत्ति जताया। न्यायाधीश ने प्रार्थना पत्र पर सुनवाई व आरोप तय करने को लेकर अब 13 जून की तिथि नियत की है।
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