राजकीय मेडिकल कॉलेज एंव सुपर स्पेशियालिटी हॉस्पिटल चक्रपानपुर में शुक्रवार को प्राचार्य और चिकित्सा अधीक्षक आपस में भिड़ गए। चिकित्सा अधीक्षक के वेतन निर्गत करने को लेकर दोनों में जमकर कहासुनी और तीखी नोकझोंक हुई। इस दौरान मेडिकल कालेज और अस्पताल का स्टाफ तमाशाबीन बना रहा।
राजकीय मेडिकल कालेज पर डॉ. आरपी शर्मा बतौर प्राचार्य तैनात है। वहीं अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक (एमएस) की जिम्मेदारी डॉ. दिनेश चंद्रा के पास है। शुक्रवार को दिन में लगभग 12 बजे एमएस प्राचार्य के कक्ष में पहुंचे और वेतन निर्गत करने को कहा। इस पर प्राचार्य ने उनसे अपना ड्यूटी रजिस्टर प्रस्तुत करने को कह दिया।
इसी बात को लेकर प्राचार्य और एमएस में कहासुनी हो गई। बहस सुनकर होता देख मेडिकल कालेज और अस्पताल के कर्मचारी भी जुट गए । लगभग आधे घंटे तक दोनों अधिकारियों में बहस हुई और मामला तब शांत हुआ जब एमएस प्राचार्य कार्यालय से निकल कर अपने कक्ष में चले गए। इस दौरान काफी संख्या में मरीज भी मौके पर जुट गए थे और अधिकारियों के बीच हो रही बहस पर आपस में चर्चा कर रहे थे।
एमएस रेगुलर ड्यूटी नहीं करते है। इनकी लापरवाही के चलते अस्पताल में दुव्र्यवस्था व्याप्त हो गई है। इतना ही नहीं जिस अंदाज में उन्होंने विवाद किया है। इसकी शिकायत विभागीय उच्चाधिकारियों से करूंगा। -डॉ. आरपी शर्मा, प्राचार्य राजकीय मेडिकल कालेज चक्रपानपुर, आजमगढ़।
प्राचार्य द्वारा मेरा उत्पीड़न किया जा रहा है। वेतन निर्गत करने में हीलाहवाली की जा रही है। मैने भी अपनी शिकायत विभागीय उच्चाधिकारियों के साथ ही प्रमुख सचिव और मुख्यमंत्री तक से कर दी है।
डॉ. दिनेश चंद्रा, एमएस, सुपर स्पेशियालिटी हॉस्पिटल, चक्रपानपुर, आजमगढ़।