विश्वविद्यालय की मांग को लेकर शुक्रवार को कलेक्ट्रेट स्थित रिक्शा स्टैंड पर धरने का आयोजन किया गया। जिसमें जनपद के 56 संगठनों ने हिस्सा लेकर वी-वांट यूनिवर्सिटी का नारा बुलंद किया।
माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रदेशीय महामंत्री इंद्रासन सिंह ने कहा कि यह एकजुटता देखकर सरकार को समझ जाना चाहिए कि आजमगढ़ के लोग अब विश्वविद्यालय की मांग पर समझौता नही करने वाले हैं। 2019 से पूर्व हमें विश्वविद्यालय अवश्य चाहिए।
सेंट्रल बार एसोसिएसन के अध्यक्ष तारकेश्वर सिंह ने कहा कि आज पूरा जनपद विश्वविद्यालय की मांग को लेकर आंदोलित हो चुका है। चंडेश्वर पीजी कॉलेज के छात्रसंघ अध्यक्ष संदीप कुमार, शिब्ली नेशनल पीजी कॉलेज छात्रसंघ अध्यक्ष कमर कमल और मालटारी पीजी कॉलेज छात्रसंघ अध्यक्ष आशीष यादव ने जनपद के युवाओं को एकजुट होने का आह्वान करते हुए कहा कि अब हम विश्वविद्यालय बनवाकर ही दम लेंगे।
अग्रसेन पीजी कॉलेज की संस्कृत विभाग की विभागाध्यक्ष डा. वंदना द्विवेदी, नारी शक्ति संस्थान की अनीता द्विवेदी और महिला मंडल की पूनम सिंह ने कहा कि विश्वविद्यालय अभियान के बैनर तले जनपद की महिलाएं भी एकजुट हो चुकी हैं।
भारत रक्षा दल के उमेश सिंह गुड्डू, प्रयास संगठन के रणजीत सिंह, अभिभावक संघ के सचिव गोविंद दुबे, गांधीगिरी टीम के विवेक पांडेय और पूर्वांचल विकास आंदोलन के प्रवीण सिंह ने विश्वविद्यालय अभियान के बैनर तले एकजुट होकर विश्वविद्यालय के लिए संघर्ष करने का संकल्प लिया।
अध्यक्षता चंडेश्वर पीजी कॉलेज के पूर्व प्राचार्य डा. वेद प्रकाश उपाध्याय और संचालन विश्वविद्यालय अभियान के संयोजक डा. सुजीत भूषण ने किया। धरने को डा. दुर्गा प्रसाद अस्थाना, डा. अशोक श्रीवास्तव, दिवाकर तिवारी, ध्रुव मित्र शास्त्री, जनवादी लोकमंच के अनिल चतुर्वेदी, अशोक श्रीवास्तव, चंद्रभूषण गुप्ता, महताब आलम, महंत रामचंद्र गिरी, हिंदू युवा वाहिनी के हरिबंश मिश्रा सहित 56 संगठनों के लोगों ने धरने में प्रतिभाग किया। धरने के दौरान एडीएम वित्त एवं राजस्व को मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा गया।