आजमगढ़। डेंगू का डंक जिले में जारी है। शहर व आसपास के इलाके में सर्वाधिक केस मिले हैं। इसके बाद भी जिम्मेदारों की लापरवाही जारी है। नगर पालिका प्रशासन हो अथवा स्वास्थ्य विभाग या मलेरिया विभाग सभी हवा-हवाई कवायद में ही जुटे हुए हैं। शहर क्षेत्र में नालियां बजबजा रही हैं और जगह-जगह कूड़े का ढेर लगा है, तो वहीं कागजों पर ही फागिंग कराकर कोरम पूरा कर लिया जा रहा है। मच्छरों पर लगाम न लगने के चलते डेंगू केस भी लगातार बढ़ता जा रहा है।
जिले में अब तक डेंगू के 130 केस मिल चुके हैं। यह तो सरकारी आंकड़ा है और वास्तव में घर-घर डेंगू का शिकार है। प्राइवेट अस्पतालों की ओपीडी व वार्ड संदिग्ध बुखार के मरीजों से पटे हुए हैं। जिले में मिले अब तक कुल सरकारी 130 डेंगू केस में सर्वाधिक शहर व आसपास के क्षेत्रों में मिले हैं। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार शहर में सर्वाधिक 37 केस अब तक सामने आ चुके हैं। जिसमें गुलामी का पुरा व बागेश्वर नगर तो हाटस्पाट सरीखा है। बागेश्वर नगर व गुलामी का पुरा में मिलाकर एक दर्जन से अधिक केस अब तक मिल चुके हैं। वहीं शहर के अन्य इलाकों की बात की जाए तो कोल बाजबाहदुर में दो, हीरापट्टी में एक, कोलपांडेय में दो, पुरानी सब्जीमंडी में एक, महिला अस्पताल परिसर में चार, सेखपुरा में एक, पल्हनी क्षेत्र में पांच, हरवंशपुर में एक, हाफिजपुर में एक, आसिफगंज में एक, एलवल में एक, बलरामपुर में दो, मुकेरीगंज में एक व शहर के ही कुछ अन्य क्षेत्रों में कुल आठ डेंगू केस मिले हैं। शहर क्षेत्र में सर्वाधिक डेंगू केस मिलने के बाद भी जिम्मेदार मूकदर्शक बने हुए हैं।