12 वर्ष पूर्व मऊ जेल में हुई थी रामछवि और शंकर की मुलाकात
पूछताछ में रामछवि ने बताया कि उसकी और शंकर निवासी हाजीपुर थाना रौनापार (आजमगढ़) की मुलाकात 12 वर्ष पूर्व मऊ जेल में हुई थी। जेल से छूटने के बाद हम लोगों का एक-दूसरे के घर आना-जाना हो गया।
शंकर के साथ उसका दोस्त छांगुर नाई निवासी मुहम्मदपुर थाना जीयनपुर (आजमगढ़) भी साथ में आता था। हम लोग मिलकर लकड़ी कटवाने का काम करने लगे। लकड़ी को लाने व ले जाने में पिकअप वाहन किराए पर लेते थे। जिसका काफी किराया लगता था तो हम दोनों लोगों ने पिकअप वाहन की व्यवस्था के लिए फर्जी कागज तैयार करने की योजना बनाई।
गोरखपुर जाकर शंकर ने बुक की पिकअप
एक जुलाई को शंकर ने गोरखपुर जाकर एक पिकअप गाड़ी एक हजार रुपये में बुक कराई और उसके चालक शैलेन्द्र सिंह से कहा कि फर्नीचर का सामान लाना है जब हमारी व्यवस्था हो जाएंगी तो हम आपसे सम्पर्क करेंगें। वह उसका मोबाइल नंबर लेकर आ गया।
इसके बाद तीन जुलाई को हम लोगों ने शैलेन्द्र को गाड़ी सहित भाड़े पर ले जाने के लिए लाटघाट बुलाया। शाम को तीन से चार बजे के बीच वह पिकअप लेकर आ गया तो उससे बहाना बनाया गया कि फर्नीचर का सामान अभी तैयार नहीं है। कुछ देर लगेगा तब तक आप खाना-पीना कर लीजिए और वो राजधानी ढाबा लाटघाट पर कुछ खाने-पीने के लिए चला गया।
शाम को मोटर साइकिल से शंकर उसको लेकर रामपुर के पास मिला और कहा कि पिकअप गाड़ी पर बैठ जाओ और आगे आगे शंकर तथा पीछे मैं गाड़ी से शंकर के किराए के मकान रोहुआर पर पहुंचे।
शव से न आए बदबू इसलिए दफनाते समय डाला नमक
रामछवि ने बताया कि शंकर के मकान पर हमने चालक को जहरीला पदार्थ खिला दिया। जब वह अचेत हो गया तो हम दोनों ने फावड़े व बांका से उसकी कर्दन को काट दिया। मकान के पीछे हाते में गड्ढा खोदकर उसके धड़ को दफन कर दिया।
शव से बदबू न आए इसलिए उसमें नमक भी डालकर ढक दिया। उसके सिर को शंकर लेकर मोटर साइकिल से कहीं दूसरी जगह चला गया था। जिसके बारे में मुझे कोई जानकारी नहीं है।
फर्जी नंबर प्लेट लगा छांगुर के हवाले की पिकअप
रामछवि ने बताया कि इसके बाद हम लोगों ने पिकअप पर फर्जी नंबर प्लेट कागजात के आधार पर लगा कर छांगुर नाई को दे दिया। गिरफ्तार आरोपी रामछवि की निशानदेही पर शंकर के किराए के मकान से शैलेंद्र का धड़ बरामद किया गया। लेकिन, शंकर नहीं मिला।
इसके बाद रामछवि द्वारा बताए गए स्थान कल्याणपुर पुलिया के पास से दूसरे आरोपी छांगुर नाई को मोबाइल, पिकअप और फर्जी दस्तावेज के साथ गिरफ्तार किया गया। इस घटना में शामिल शंकर अभी फरार है।