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Azamgarh News: जिले के परिषदीय विद्यालयों में एल्युमीनियम के बर्तनों में पक रहा नौनिहालों का निवाला

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प्राथमिक विद्यालय दिलौरी की रसोई भोजन पकाने के लिए रखे एल्युमिनियम के बर्तन। संवाद
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जिले के परिषदीय विद्यालयों में बच्चों को दिए जाने वाले मध्यान्ह भोजन की व्यवस्था को लेकर शनिवार को टीम की पड़ताल में कई सवाल सामने आए हैं।
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जहानागंज, तहबरपुर, रानी की सराय, निजामाबाद, पवई, अतरौलिया, बूढ़नपुर, बरदह सहित लगभग सभी क्षेत्रों के विद्यालयों में भोजन पकाने के लिए एल्यूमीनियम के बड़े भगोने इस्तेमाल किए जा रहे हैं।
पड़ताल के दौरान कई विद्यालयों में रोटी के लिए लोहे के तवे और सब्जी के लिए लोहे की कड़ाही का इस्तेमाल होता मिला। बच्चों को भोजन तो स्टील की प्लेटों में परोसा जा रहा है, लेकिन उसे एल्युमीनियम के बर्तनों में पकाया जा रहा है।
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कुछ विद्यालयों में भोजन बनाने और बर्तन साफ करने की व्यवस्था के साथ हाथ धोने के लिए साबुन या हैंडवाश उपलब्ध नहीं होने की बात भी सामने आई। अभिभावकों और ग्रामीणों ने भोजन पकाने के लिए सुरक्षित व मानक बर्तनों के इस्तेमाल तथा विद्यालयों का निरीक्षण कराने की मांग की है।
रानी की सराय के चिकित्सा अधिकारी कैप्टन डॉ. मनीष तिवारी ने कहा कि एल्युमिनियम के बर्तनों में बार-बार खाना पकाने और रखने से एल्युमिनियम की कुछ मात्रा भोजन में मिल सकती है।
लंबे समय तक अधिक मात्रा में एल्युमीनियम के संपर्क को लेकर स्वास्थ्य संबंधी चिंताएं जताई जाती रही हैं। उन्होंने खाना पकाने के लिए सुरक्षित विकल्पों का इस्तेमाल करने और बर्तनों की उचित देखभाल की सलाह दी। संवाद
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मार्टीनगंज में कहीं नहीं मिले स्टील के बर्तन
बरदह। मार्टीनगंज ब्लॉक के परिषदीय विद्यालयों में बच्चों के लिए मिड-डे-मील एल्युमिनियम के बर्तनों में पकाया जा रहा है। शासन के निर्देशों के बावजूद भोजन पकाने के लिए स्टील के बर्तनों का उपयोग नहीं हो रहा है। प्राथमिक विद्यालय रसूलपुर में भोजन एल्युमिनियम के बर्तनों में बनता मिला। प्रधानाध्यापक विजय शंकर सिंह ने बताया कि अधिकतर बर्तन एल्युमिनियम के हैं, जबकि बच्चों को परोसने के लिए स्टील की थालियां इस्तेमाल होती हैं। संवाद

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महाराजगंज में भी हो रहा एल्युमीनियम के बर्तनों का इस्तेमाल
महाराजगंज। विकासखंड क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालयों में मध्याह्न भोजन बनाने की पड़ताल शनिवार को की गई। इस पड़ताल में सामने आया कि बच्चों के लिए भोजन एल्युमीनियम के बर्तनों में पकाया जा रहा है। इंग्लिश मीडियम प्राथमिक विद्यालय मुडीलपुर, प्राथमिक विद्यालय पासीपुर, कंपोजिट विद्यालय महेशपुर, प्राथमिक विद्यालय महाराजगंज में एल्युमीनियम के बर्तनों में ही मध्याह्न भोजन पक रहा था। संवाद

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विकासखंड में 134 विद्यालय, सबका हाल एक समान
जहानागंज। विकासखंड जहानागंज के परिषदीय विद्यालयों में विद्यार्थियों के लिए मध्याह्न भोजन स्टील के बर्तनों में नहीं बनाया जा रहा है। इन सभी विद्यालयों में खाना बनाने के लिए एल्यूमीनियम के बर्तनों का ही इस्तेमाल होता है। इस विकासखंड में कुल 134 परिषदीय विद्यालय संचालित हैं। संवाद
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एल्युमिनियम बर्तनों में भोजन, मानकों पर सवाल
तहबरपुर। शिक्षा क्षेत्र तहबरपुर के कंपोजिट विद्यालय सरदहा में मिड-डे-मील एल्युमिनियम के बर्तनों में पक रहा था। शासन के निर्देशों के अनुसार विद्यालयों में भोजन तैयार करने के निर्धारित मानकों का पालन जरूरी है। एल्युमिनियम के बर्तनों के उपयोग से बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर अभिभावकों में भी चिंता उत्पन्न हो सकती है। संवाद
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एल्यूमीनियम बर्तनों में मिड-डे-मील
रानी की सराय। प्राथमिक विद्यालय दिलौरी और राहुल पूर्व माध्यमिक विद्यालय निजामाबाद में मध्याह्न भोजन एल्यूमीनियम के बर्तनों में बन रहा है। यहां दो एल्यूमीनियम भगोने और एक चायदानी उपलब्ध हैं। रसोइया गुड्डी और माधुरी भोजन तैयार करती हैं। संवाद
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पवई विकासखंड का भी वैसा मिला हाल
पवई। शिक्षा क्षेत्र पवई के कई विद्यालयों में एल्युमिनियम के बर्तनों का प्रयोग सामने आया है। इनमें प्राथमिक विद्यालय कछरा, पवई, जल्दीपुर और शाहमर्दानपुर शामिल हैं। क्षेत्र के लगभग सभी विद्यालयों में यह स्थिति देखी गई है। संवाद
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प्रधानाध्यापक बोले- नहीं मिला कोई आदेश
शुरू से ही हमारे यहां एल्युमीनियम के बर्तनों में ही मध्याह्न भोजन पकाया जाता है। स्टील के बर्तनों में भोजन पकाना है, ऐसा कोई आदेश हमारे पास नहीं आया है। -बिंदेश्वरी प्रसाद, प्रधानाध्यापक कंपोजिट विद्यालय लोहरा।
अभी भी शुरू से ही विद्यालय में एल्युमिनियम के बर्तन में ही मिड-डे-मील बनता है। शासन द्वारा कोई नया दिशा-निर्देश नहीं मिला है। -खुर्शीद जहां, प्रधानाध्यापक कंपोजिट विद्यालय अतरौलिया।
पहले से ही एल्युमीनियम के बर्तन में मिड-डे-मील की व्यवस्था है। इस संबंध में नया कोई आदेश अभी नहीं मिला है। -भगवान मणि त्रिपाठी, प्रधानाध्यापक कंपोजिट विद्यालय अनंतपुर।
शुरू से ही एल्युमीनियम के बर्तन में मिड-डे-मील का भोजन पकाया जाता है। अभी नया कोई आदेश नहीं प्राप्त हुआ है। -रामवृक्ष, प्रधानाध्यापक प्राथमिक विद्यालय गोरहरपुर।
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यह आदेश तीन से चार साल पहले आया था। हमने इसके बारे में पता किया है। आदेश तो आ गया, लेकिन धन नहीं आया है। इस कारण जो पहले से ही एल्युमीनियम के जो बर्तन खरीदे गए थे, उसी में मध्याह्न भोजन पकता आ रहा है। -राजीव पाठक, बीएसए।

प्राथमिक विद्यालय दिलौरी की रसोई भोजन पकाने के लिए रखे एल्युमिनियम के बर्तन। संवाद

प्राथमिक विद्यालय दिलौरी की रसोई भोजन पकाने के लिए रखे एल्युमिनियम के बर्तन। संवाद

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