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मौनी अमावस्या : आजमगढ़ में उमड़ा आस्था का सैलाब, नदियों-सरोवरों में भक्तों ने किया स्नान; सुरक्षा की वाहवाही

Wed, 29 Jan 2025 01:57 PM IST
अमन विश्वकर्मा अमर उजाला नेटवर्क, आजमगढ़।

सार

माैनी अमावस्या के पावन अवसर पर आजमगढ़ के नदी सरोवरों में भक्तों ने आस्था की डुबकी लगाई। हर-हर गंगा के उद्घोष के साथ स्नान-दान किया गया। भक्तों की सुरक्षा के लिए जिला प्रशासन भी चप्पे-चप्पे पर दुरुस्त दिखा।
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माैनी अमावस्या पर स्नान करते श्रद्धालु। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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Mauni Amavasya 2025 : मौनी अमावस्या पर बुधवार को जिले के अवंतिकापुरी, भैरव बाबा धाम, दुर्वासा दत्तात्रेय आदि पौराणिक स्थानों पर सुबह स्नान किया। मंदिरों में पूजन के बाद दान देकर परिवार की सुख व समृद्धि की कामना की।

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निजामाबाद के गौसपुर ग्राम सभा में स्थित महर्षि दत्तात्रेय धाम पर कुंवर और तमसा नदी के संगम में स्नान करने वालों का तांता लगा रहा। सुरक्षा की दृष्टि से भारी मात्रा में पुलिस जगह-जगह तैनात दिखी। कुंवर और तमसा नदी के संगम पर स्नान करने के बाद भक्तों ने पातालपुरी महादेव मंदिर पहुंच जलाभिषेक करने के बाद महर्षि दत्तात्रेय मंदिर में भगवान श्री राम दरबार का दर्शन किया और दान भी किया।
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अहरौला/ फूलपुर में मौनी अमावस्या पर फूलपुर और ग्रामीण क्षेत्रों के नदियों और सरोवरों में स्नान के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ रही। आस्था की डुबकी लगाने के बाद भक्तों ने मंदिरों में मत्था टेका। पौराणिक स्थल दुर्वासा धाम पर ठंड के बावजूद आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा।

रानी की सराय के मौनी अमावस्या पर ठंड पर आस्था भारी पड़ गई। अवंतिकापुरी व रानी की सराय कस्बा में रानी पोखरा सहित अन्य तालाबों और पोखरों में श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाई और पूजन-अर्चन कर मन्नतें मांगी। इसके बाद मंदिर में जाकर पूजन-अर्चन कर दान-दक्षिणा दिया। 

मंदिरों में बज रहे घंट-घड़ियाल से पूरा क्षेत्र गुंजायमान रहा। इसी क्रम में रानी पोखरा पर भी स्नानार्थियों की भीड़ देखने को मिली। लोगों ने स्नान के बाद पोखरा तट पर बने हनुमान जी सहित अन्य देवी-देवताओं के मंदिर में मत्था टेका।

महाराजगंज के बाबा भैरोधाम स्थित पोखरे में स्नान के लिए रेला लगा रहा। पोखरे में आस्था की डुबकी लगाने के बाद बाबा के दरबार में लोगों ने माला, फूल, बतासा, धूप अगरबत्ती व नारियल, काली मिर्च आदि चढ़ाकर मन्नत मांगी।
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अहरौला के ठंड के बाद भी दुर्वासा धाम के तमसा-मंजूषा के पवित्र संगम में सुबह से ही श्रद्धालुओं के आने का सिलसिला शुरू हो गया था। सुरक्षा की दृष्टि से भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था।

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