जिले के परिषदीय स्कूलों में बाल वाटिका से कक्षा तीन तक के बच्चों को भाषा व गणित में निपुण बनाने के लिए निपुण भारत अभियान कार्यक्रम चलाया जा रहा है। बच्चों पर इसके असर के आकलन के लिए विभाग की ओर से निपुण लक्ष्य एप लांच किया गया है, जिसकी मदद से परीक्षण किया गया कि बच्चे अब तक कितने दक्ष हुए हैं। इस परीक्षण में आजमगढ़ मंडल में मऊ अव्वल है, जबकि बलिया फिसड्डी निकाला।
जिले में 2706 परिषदीय विद्यालय संचालित है, जिसमें 1724 प्राथमिक, 458 उच्च प्राथमिक व 524 कंपोजिट विद्यालय शामिल हैं। उक्त विद्यालयों में कुल तीन लाख 56 हजार बच्चे पंजीकृत हैं। उक्त परिषदीय स्कूलों में बाल वाटिका से कक्षा तीन तक के बच्चों को भाषा व गणित में निपुण बनाने केेे लिए निपुण भारत अभियान कार्यक्रम चलाया जा रहा है। बच्चों पर इसके असर के आकलन के लिए विभाग की ओर से निपुण लक्ष्य एप लांच किया गया है। इस एप की मदद से परीक्षण किया गया है, जिसमें बच्चे अब तक कितने दक्ष हुए हैं। इसका परीक्षण हुआ है, जिसमें आजमगढ़ मंडल में मऊ जनपद के 56 प्रतिशत, आजमगढ़ 44 प्रतिशत व बलिया के 35 प्रतिशत बच्चे दक्ष हुए हैं। इस एप को रीडिंग एलांग एप के माध्यम से जोड़ा गया है।
स्कूलों में निपुण भारत मिशन के तहत अधिक बेहतर प्रदर्शन करने के लिए लक्ष्य एप तैयार किया गया है। इसके लिए ब्लॉक वार शिक्षकों को ट्रेनिंग दी गई थी। बच्चे कितना दक्ष हुए, कहां अभी कार्य करने की जरूरत है, इसका आकलन किया गया है। इस आकलन के आधार पर कमजोर कड़ी को मजबूत करने का प्रयास होगा। - मनोज कुमार मिश्रा, एडी बेसिक आजमगढ़।