आजमगढ़। गर्मी की तेज धूप में अगर कोई चीज सबसे ज्यादा राहत देती है तो वह है ठंडा और मीठा जूस। इसमें भी फलों का राजा और सीजन का सबसे उम्दा फल आम मिल जाए तो क्या कहने हैं। लेकिन धंधेबाजों ने मुनाफाखोरी के लिए आम के जूस को भी नहीं छोड़ा है।
100 से 120 रुपये किलो बिक रहे आम का एक गिलास जूस महज सड़क के किनारे और फुटपाथों पर महज 10 से 20 रुपये में मिल जा रहा है। जानकारों का कहना है कि यह जूस आम के फलों से तैयार हो रहा है या सिर्फ आर्टिफिशियल फ्लेवर का चमत्कार है? इसकी कोई गारंटी नहीं है।
मंडलीय जिला अस्पताल के फिजिशियन डॉ. अतुल श्रीवास्तव की मानें तो मिलावटी आम के जूस का सेवन सीधे पाचन तंत्र को प्रभावित करता है, जिससे कई गंभीर बीमारियां होने की आशंका बढ़ जाती है। बाजार में जूस कॉर्नरों पर धड़ल्ले से 10 रुपये से लेकर 20 रुपये तक आम का शेक बेचा जा रहा है। जानकारों का कहना है कि यह आम का नहीं, बल्कि केमिकल और बर्फ मिक्स रस है। इसमें आम की मात्रा नाम मात्र की होती है। आम जैसा स्वाद लाने के लिए इसमें एसेंस और कलर के लिए दूध के अलावा अन्य केमिकल्स मिलाए जाते हैं। इसे लोगों को 10 रुपये में बेचा जा रहा है। दूषित पेय पीने से डायरिया, फूड प्वाॅइजिंग, आंत में इंफेक्शन, अल्सर, गुर्दे और लीवर पर प्रभाव आदि बीमारियां हो सकती हैं।