अमिलो। दी किसान सहकारी चीनी मिल सठियांव के प्रबंधन तंत्र और गन्ना किसानों के बीच सूखा गन्ने को लेकर बृहस्पतिवार की देर रात उपजा विवाद शुक्रवार को दिन में बारह बजे खत्म हुआ।
पुलिस के हस्तक्षेप के बाद अगले दिन शुक्रवार को दोपहर 12 बजे के बाद तौल फिर शुरू हुआ। 12 घंटे तक गन्ने का तौल न होने से चीनी मिल से लेकर पूर्वांचल एक्सप्रेसवे दो किमी तक गन्ना लदी गाड़ियों की कतार लग गई।
चीनी मिल सठियांव इन दिनों सुर्खियों में बनी हुई है। प्रबंधन तंत्र और गन्ना किसान एक बार फिर आमने सामने हो गए जब सूखा गन्ना की तौल करने से मिल प्रबंधन ने इन्कार कर दिया।
गन्ना किसान श्यामलाल, रामनिवास, राम सिंगार सिंह, सीताराम, केदार, आजाद सिंह आदि ने कहा कि अचानक नियम में बदलाव क्यों किया गया। अभी एक दिन पहले कटौती करके सूखा गन्ना की तौल करा दिया जाता था। अब सूखा गन्ना की तौल कराने से मना किया जा रहा है।
मिल प्रबंधन के कारनामों के कारण ठंड में गन्ना किसान सड़क किनारे रात बिताने को मजबूर हैं। बृहस्पतिवार की रात गन्ना तौल बंद होने से मिल से लेकर पूर्वांचल एक्सप्रेसवे तक करीब तीन किमी गन्ना लदी गाड़ियों की कतार लग गई। इससे यातायात बाधित हो गया।
शुक्रवार को स्थानीय पुलिस मौके चीनी मिल पहुंची। प्रबंधन और किसानों के बीच बात कराई तब दोपहर 12 बजे के बाद गन्ने का तौल शुरू हुई।